Thursday, February 26, 2026
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शिक्षा एक ऐसा शक्तिशाली हथियार है जो व्यक्तित्व निर्माण, ज्ञान, खुशी और कौशल में करती है सुधार

मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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शिक्षा का उद्देश्य बुद्धि का विकास करना है। बुद्धि से तात्पर्य चालाकी से नहीं है। किसी अन्य से आगे निकलने के लिए चतुर बनने की कोशिश करना बुद्धिमानी नहीं है क्योंकि जब आप किसी से आगे निकलने की कोशिश करते हैं तो डरे रहते हैं। शिक्षक की डांट, आलोचना का डर, समाज में अथवा कक्षा में लोकप्रिय नहीं होने का डर बना रहता है, लेकिन जब आप डरते नहीं है तो वहां आपकी बुद्धिमत्ता काम करती है। डर के कारणों को समझने और उसके नादान के लिए शिक्षा बहुत ही जरुरी है क्योंकि शिक्षा एक ऐसा शक्तिशाली हथियार है जो व्यक्ति को अपने जीवन को बदलने में मदद कर सकती है । एक अच्छी शिक्षा प्राप्त करके, व्यक्ति अपने जीवन में सफल हो सकता है और एक योग्य नागरिक बन सकता है ।
शिक्षा हर किसी के जीवन में व्यक्तित्व निर्माण, ज्ञान और कौशल में सुधार और व्यक्ति को खुशहाली की भावना प्रदान करके एक महान भूमिका निभाती है। शिक्षा नए कौशल या ज्ञान सीखने या सिखाने की एक प्रक्रिया है। शिक्षा ज्यादातर स्कूलों और विश्वविद्यालयों में प्रदान की जाती है। देश के विकास के लिए शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। यह देश के आर्थिक विकास में मदद करती है। शिक्षा किसी व्यक्ति के जीवन को बदल सकती है। समाज व परिवार के प्रत्येक सदस्य का उज्जवल भविष्य बनाने और डर से मुक्ति दिलाने वाली सबसे बड़ी ताकत शिक्षा ही है और यही शिक्षा का सार है।
लेखक
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

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