मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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अगर आप अवगुण की बजाय किसी में केवल गुण ही देखना शुरू कर दें तो आपको उसकी सारी बातें अच्छी लगने लगेंगी । उसमें कोई कमजोरी भी नजर नहीं आएगी और केवल गुण देखने की आदत पक्की करने से मन भी हमेशा साफ व शांत रहेगा । अक्सर दूसरों की गलतियों को सोचते सोचते कई बार रात को नींद भी नहीं आती ।
दरअसल दूसरों में अवगुण नहीं देखने का मतलब है कि उसे अपने मन में गांठ बांध कर नहीं रखना है । उसे देखा, सुना, गलती सुधारने का सुझाव दिया, शुभ कामनाएं दी और भूल गए। इन्हीं श्रेष्ठ गुण व सकारात्मक संस्कारों से ही हमारा जीवन, परिवार व समाज हमेशा स्वस्थ, समृद्ध और सुखमय रहेगा ।
लेखक
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

