
क्षतिग्रस्त कच्चे मकानों के लिए आरबीसी 6(4) के तहत तुरंत प्रकरण बनाने के आदेश, नदी-नालों से दूर रहने की प्रशासन की अपील

बिलासपुर, 17 जुलाई 2026। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित होने लगा है। कई नदी-नाले उफान पर हैं, निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है और कई स्थानों से कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सभी विभागीय अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

कलेक्टर ने राजस्व विभाग, नगर निगम और मैदानी अमले को निर्देशित किया है कि वे तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर वास्तविक स्थिति का सर्वेक्षण करें। जिन परिवारों के कच्चे मकान भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके प्रकरण राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6(4) के तहत तत्काल तैयार किए जाएं, जिससे पात्र परिवारों को नियमानुसार शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राहत संबंधी सभी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

प्रशासन ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों और राजस्व अमले को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से नदी-नालों के जलस्तर, जलभराव वाले इलाकों, निचली बस्तियों तथा संवेदनशील क्षेत्रों पर सतत नजर रखने को कहा गया है। यदि कहीं भी स्थिति गंभीर होती है तो प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवश्यक राहत उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए। राहत एवं बचाव कार्यों में राजस्व, पुलिस, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि लगातार हो रही बारिश के दौरान किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं। उफनते नदी-नालों, रपटों और जलभराव वाले स्थानों के पास जाने से बचें तथा बहते पानी को पार करने का प्रयास बिल्कुल न करें। बच्चों को विशेष रूप से ऐसे क्षेत्रों से दूर रखें और उन पर सतत निगरानी बनाए रखें।
प्रशासन ने यह भी सलाह दी है कि यदि किसी पुल, पुलिया या रपट पर पानी बह रहा हो तो उसे पार करने की कोशिश न करें। जर्जर या क्षतिग्रस्त मकानों में रहने से बचें और यदि किसी परिवार का मकान क्षतिग्रस्त हुआ है अथवा किसी क्षेत्र में जलभराव की गंभीर स्थिति है तो तत्काल स्थानीय प्रशासन या राजस्व अमले को इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते राहत और बचाव की कार्रवाई की जा सके।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि भारी बारिश के इस दौर में आमजन की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर हर संभव राहत एवं बचाव के उपाय तत्काल किए जाएंगे। उन्होंने नागरिकों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा अनावश्यक जोखिम से बचने की अपील की है।

