मूकनायक/रिपोर्टर इंद्रसेन गौतम लखनऊ/उत्तर प्रदेश
10 जुलाई /पुडुचेरी/लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू), लखनऊ के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सतीश कुमार को 41वें इंटरनेशनल मेडिकल साइंसेज अकादमी कॉन्फ्रेंस 2026 (IMSACON 2026) के दौरान प्रतिष्ठित इंटरनेशनल FIMSA (Fellow of International Medical Sciences Academy) Fellowship से सम्मानित किया गया।
यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों में से एक जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च JIPMER पुडुचेरी में आयोजित किया गया, जिसमें भारत सहित विभिन्न देशों के चिकित्सकों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं एवं चिकित्सा शिक्षकों ने भाग लिया।
यह प्रतिष्ठित फेलोशिप चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, रोगी सेवा तथा अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चुनिंदा चिकित्सकों को प्रदान की जाती है।
डॉ. सतीश कुमार को यह सम्मान उनके उत्कृष्ट शोध कार्यों, चिकित्सा शिक्षा में योगदान, वैज्ञानिक प्रकाशनों तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रदान किया गया।
सम्मेलन का आयोजन इंटरनेशनल मेडिकल साइंसेज अकादमी के तत्वावधान में किया गया।
इस अवसर पर अकादमी के अध्यक्ष डॉ. के. जगदीशन के नेतृत्व में सम्मेलन का सफल आयोजन हुआ।
आयोजन समिति में ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन प्रोफेसर राकेश सिंह, सेक्रेटरी जनरल डॉ. आर.के. ठुकराल, ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. राखी बिस्वास, जॉइंट ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. नोयल एम. जोसेफ तथा IMSACON कोऑर्डिनेटर चेयरमैन प्रोफेसर शन्मुगन जे. की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सम्मेलन के दौरान चिकित्सा विज्ञान के नवीनतम शोध, आधुनिक उपचार पद्धतियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता AI के चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ते उपयोग, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम, चिकित्सा शिक्षा में नवाचार तथा वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
देश-विदेश से आए विशेषज्ञों के बीच वैज्ञानिक संवाद और शोध प्रस्तुतियों ने सम्मेलन को अत्यंत सफल बनाया।
डॉ. सतीश कुमार की इस उपलब्धि से केजीएमयू, लखनऊ के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के चिकित्सा जगत में हर्ष का वातावरण है।
उनके सहयोगियों एवं विद्यार्थियों ने इस सम्मान को संस्थान के लिए गर्व का विषय बताया।
चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उनकी निरंतर सक्रियता युवा चिकित्सकों और शोधार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत मानी जा रही है।
इस अवसर पर डॉ. सतीश कुमार ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि केजीएमयू परिवार, उनके गुरुजनों, सहकर्मियों और विद्यार्थियों के सामूहिक सहयोग एवं विश्वास का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वे चिकित्सा अनुसंधान, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा तथा बेहतर रोगी सेवाओं के माध्यम से समाज और देश की सेवा के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
डॉ. सतीश कुमार की यह अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि न केवल केजीएमयू बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
इससे प्रदेश के युवा चिकित्सकों एवं शोधकर्ताओं को वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी तथा भारतीय चिकित्सा विज्ञान की प्रतिष्ठा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और अधिक सुदृढ़ होगी।

