मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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दुनिया में धन, दौलत, जमीन और जायदाद को समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। लोग जीवनभर भौतिक सुख-साधनों को इकट्ठा करने की दौड़ में लगे रहते हैं। लेकिन जीवन के गहरे अनुभवों के बाद यह समझ आता है कि दुनिया की सबसे कीमती और सच्ची दौलत भौतिक वस्तुएं नहीं, बल्कि वे सच्चे इंसान हैं जिनके सामने हमें अपने शब्दों को तौलना नहीं पड़ता। आज की भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी में मानसिक सुकून मिलना सबसे मुश्किल काम हो गया है। जब हम अंदर से दुखी, थके हुए या उलझन में होते हैं, तब हमें किसी ज्ञानी की सलाह से ज्यादा एक ऐसे इंसान की जरूरत होती है जो बस हमें बिना किसी पूर्वाग्रह के सुन सके। ऐसे लोगों के साथ बिताए गए कुछ पल किसी थेरेपी से कम नहीं होते। उनके पास बैठकर मन का सारा बोझ अपने आप हल्का हो जाता है, क्योंकि वहां दिखावे की कोई जगह नहीं होती।
धन-दौलत आज है और कल नहीं, लेकिन एक वफादार और समझदार साथी (चाहे वह मित्र हो, जीवनसाथी हो या परिवार का कोई सदस्य) जीवनभर की पूंजी होता है। ऐसे लोग जीवन के सबसे कठिन दौर में भी हमारे मानसिक संतुलन को बनाए रखने में मदद करते हैं। जिस व्यक्ति के पास ऐसा कोई एक भी रिश्ता है, वह दुनिया का सबसे अमीर इंसान है।
सच्चे और सहज रिश्ते बाजारों में नहीं बिकते और ना ही इन्हें पैसों से खरीदा जा सकता है। ये केवल आपसी विश्वास, निस्वार्थ प्रेम और संवेदनशीलता से कमाए जाते हैं। यदि आपके जीवन में भी कोई ऐसा व्यक्ति है जिसके सामने आपको “शब्द ढूंढने” नहीं पड़ते और आप खुलकर अपने दिल की बात कह सकते हैं, तो उसकी कद्र कीजिए। वही आपकी जिंदगी का सबसे अनमोल खजाना और सबसे कीमती दौलत है।
बिरदी चंद गोठवाल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

