Monday, July 27, 2026
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जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा भारत का समर्थन, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा भारत एवं अखिल भारतीय ओबीसी बहुजन महासंघ सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने समर्थन दिया। आंदोलन स्थल पर आयोजित सभा में संगठनों के प्रतिनिधियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

आंदोलन के दौरान काक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके की उपस्थिति में राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा भारत के राष्ट्रीय संयोजक गोपाल ऋषिकर भारती, अखिल भारतीय ओबीसी बहुजन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. खुशाल बोपचे, अखिल तेली समाज महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रमेश पिसे, राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा भारत के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. छबिलाल रात्रे, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. अनिल नागबौद्ध, राष्ट्रीय ओबीसी विंग के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. आई.डी. आशिया, केंद्रीय सचिव एवं दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष रोहतास कंवर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गणेश पारधी तथा राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष हेमंत यादव सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा भारत के राष्ट्रीय संयोजक गोपाल ऋषिकर भारती ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी मामले में अनियमितताओं के आरोप सामने आते हैं तो उनकी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि युवाओं का विश्वास परीक्षा प्रणाली पर बना रहे।

उन्होंने अपने संबोधन में केंद्र एवं राज्य सरकारों की नीतियों, सामाजिक न्याय, जनगणना, चुनाव प्रणाली तथा अन्य समसामयिक मुद्दों पर भी अपनी संगठनात्मक राय एवं मांगें रखीं। उन्होंने सरकार से विभिन्न मामलों में पारदर्शी जांच कराने तथा संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप निर्णय लेने की मांग की।

सभा में अन्य वक्ताओं ने भी शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखने वाले आंदोलनरत छात्रों के प्रति समर्थन व्यक्त किया।

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा भारत एवं सहयोगी संगठनों ने कहा कि वे लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में रहकर छात्रों की न्यायोचित मांगों का समर्थन करते रहेंगे तथा शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

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