Thursday, June 11, 2026
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सहायक आचार्य भर्ती घोटाला: भर्ती में SC-ST-दिव्यांगों के साथ भेदभाव व नियमों की अवहेलना, कुलगुरु देवस्वरूप बर्खास्त।

राजस्थान विश्वविद्यालय की सहायक आचार्य भर्ती परीक्षा में वीसी देवस्वरूप नें नियमों को दरकिनार कर आरक्षित वर्ग(SC,ST व दिव्यांग) के योग्य उम्मीदवारों को कम नंबर व चहेतों को ज्यादा नंबर देकर बड़े स्तर पर धांधली की।

मूकनायक न्यूज/दिलीप कुमार/राजस्थान।

जयपुर।
राजस्थान यूनिवर्सिटी में सहायक आचार्य भर्ती में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोपों की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय के पहले कुलगुरु और विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलगुरु प्रो. देवस्वरूप को उनके पद से हटा दिया गया है।
जांच में सामने आया कि राजस्थान यूनिवर्सिटी में साल 2011-12 और 2013-14 में हुई 294 पदों पर सहायक आचार्य भर्ती में नियम-कायदों को दरकिनार किया गया। तत्कालीन कुलपति प्रो. देवस्वरूप पर आरोप है कि उन्होंने अपने चहेते उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाने के लिए इंटरव्यू में मनमाने नंबर दिए और चयनित करवाया।
रिपोर्ट के अनुसार अनुसूचित जाति, जनजाति व दिव्यांग योग्य उम्मीदवारों को जानबूझकर 50 में से केवल 10 अंक दिए गए- वहीं नियमों को दरकिनार कर चहेते उम्मीदवारों को 50 में से 49 तक नंबर देकर चयनित किया गया। देवस्वरूप नें न केवल विश्वविद्यालय के नियमों को बदला बल्कि सिंडिकेट व चयनित चयन समितियों की बैठकों के मिनट्स में हेरफेर कर झुठे दस्तावेज तैयार कर बड़े
स्तर पर धांधली को अंजाम दिया। धांधली की पुष्टि होने के बाद प्रो. देवस्वरूप को VC पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया गया है। अब 294 पदों पर हुई इन नियुक्तियों के भविष्य पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। सरकार अब इस भर्ती को रद्द करने या दोबारा जांच कराने पर विचार कर रही है।
इस घोटाले ने आरक्षण व्यवस्था और सामाजिक न्याय पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अनुसूचित जाति के मेधावी उम्मीदवारों को जानबूझकर बाहर किए जाने से शिक्षा जगत में रोष है। सरकार ने साफ किया है कि भर्ती प्रक्रिया में दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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