Sunday, July 26, 2026
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सम्राट अशोक बुद्ध विहार में धूमधाम से मनाई गई भगवान बुद्ध की 2570वीं जयंती, शांति–करुणा–मैत्री का दिया गया संदेश

मूकनायक/ सत्यशील गोंडाने
बालाघाट

बालाघाट। शांति, करुणा, समता और मैत्री के अमर संदेशवाहक महाकारुणिक तथागत गौतम बुद्ध की 2570वीं जयंती के पावन अवसर पर सम्राट अशोक बुद्ध विहार, वार्ड क्रमांक 06 में भव्य, गरिमामय एवं श्रद्धापूर्ण बुद्ध जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपासक-उपासिकाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता कर बुद्ध वंदना के माध्यम से मानव कल्याण और विश्व शांति का संदेश दिया।

समारोह का शुभारंभ बुद्ध वंदना, त्रिशरण एवं पंचशील के सामूहिक पाठ के साथ हुआ। उपस्थित श्रद्धालुओं ने बुद्ध, धम्म और संघ की शरण ग्रहण करते हुए अपने जीवन को सत्य, अहिंसा, सदाचार एवं करुणा के मार्ग पर चलाने का संकल्प लिया। आकर्षक सजावट से सुसज्जित विहार परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा से ओतप्रोत दिखाई दिया।

इस अवसर पर बुद्ध पूर्णिमा की परंपरा के अनुरूप खीर वितरण का विशेष आयोजन किया गया। सुजाता द्वारा भगवान बुद्ध को खीर अर्पित किए जाने की ऐतिहासिक परंपरा को स्मरण करते हुए श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद स्वरूप खीर वितरित की गई, जिसे सभी ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने भगवान बुद्ध के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बुद्ध का संदेश आज भी मानवता के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने समाज को अहिंसा, समानता, बंधुत्व, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और मध्यम मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय की सामाजिक विषमताओं, भेदभाव और संघर्षों के बीच बुद्ध के सिद्धांत समाज को नई दिशा प्रदान करते हैं।

समारोह के दौरान डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित अन्य महापुरुषों को मानवंदना अर्पित की गई। वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब ने बुद्ध के विचारों को अपनाकर सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक अधिकारों की स्थापना का ऐतिहासिक कार्य किया।

बच्चों एवं युवाओं को भी कार्यक्रम में विशेष रूप से बुद्ध के आदर्शों, नैतिक मूल्यों, अनुशासन और मानवता की सेवा के प्रति प्रेरित किया गया। आयोजकों ने कहा कि नई पीढ़ी को बुद्ध के विचारों से जोड़ना एक समतामूलक और जागरूक समाज निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

सम्राट अशोक बुद्ध विहार समिति के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की सफलता पर सभी सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता, सकारात्मक ऊर्जा और नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं।

समारोह का समापन सामूहिक मंगलकामना के साथ हुआ, जिसमें विश्व शांति, मानव कल्याण और समाज में भाईचारे की भावना को सुदृढ़ करने की प्रार्थना की गई। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने बुद्ध के बताए मार्ग पर चलकर शांति, सद्भाव और समता पर आधारित समाज निर्माण का संकल्प लिया।

यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, नैतिक चेतना और मानवता के सार्वभौमिक मूल्यों को सशक्त करने वाला प्रेरणादायी संदेश बनकर उभरा।

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