Thursday, June 11, 2026
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भगवान गौतम बुद्ध का जीवन हमें सत्य, अहिंसा, करुणा, शांति और मानवता का मार्ग दिखाता हैं : वरिष्ठ समाजसेवी मुसरफ ख़ान

आगरा में एक वर्ल्ड क्लास बुद्धा पार्क देने के लिए योगीजी का आभार और भारतीय जाटव समाज का दिल से धन्यवाद

आगरा। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी मुसरफ ख़ान ने बताया कि आगरा में बुद्धा पार्क बना भी नहीं है और इसको देखने दुनिया भर की बुद्धिस्ट कंट्री से ऑलरेडी बुद्धिस्ट आना भी शुरू हो गए हैं और यह बन रहा है भारतीय जाटव समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता उपेंद्र सिंह के इनीशिएटिव से। उन्होंने कहा कि ताजमहल जो अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाए हुए हैं उस आगरा में विशाल बुद्धा पार्क के रूप में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा भारतीय जाटव समाज संस्था की मांग पर एक वर्ल्ड क्लास बुद्धा पार्क दिया है।

जो कालिंदी विहार क्षेत्र में 15 एकड़ से ज्यादा के क्षेत्रफल में बन रहा है, और जहां पर 25 फुट से ज्यादा बड़ी प्रतिमा भगवान बुद्ध की और उनके अनुयायियों की देखने को मिलेगी और इसी वजह से उत्तर प्रदेश में खुशी नगर और श्रावस्ती के बाद हमारा आगरा भी बौद्ध टूरिज्म लेकर आएगा। आगरा के कालिन्द्री विहार में विकसित हो रहा अंतरराष्ट्रीय स्तर का विशाल एवं भव्य बुद्धा पार्क जनमानस के लिए आस्था, शांति और संस्कृति का अद्भुत केंद्र बनने जा रहा है। यह परियोजना भगवान बुद्ध के संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य करेगी। आगरा में एक वर्ल्ड क्लास बुद्धा पार्क देने के लिए योगीजी का आभार और भारतीय जाटव समाज का दिल से धन्यवाद।

विश्व को सबसे आधुनिक धर्म देने वाले भगवान गौतम बुद्ध के जन्मोत्सव की हार्दिक बधाई देते हुये उन्होंने आगे बताया कि भगवान गौतम बुद्ध दुनिया के पहले और अब तक के आखिरी धार्मिक वैज्ञानिक थे। भगवान बुद्ध द्वारा प्रतिपादित सत्य, अहिंसा, समर्पण एवं शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के उपदेश सम्पूर्ण मानवजाति के लिए अनुपम उपहार है।उनके विचार व उनकी शिक्षा सदैव हमको प्रेरित करती रहे। उनका जीवन हमें सत्य, अहिंसा, करुणा, शांति और मानवता का मार्ग दिखाता है। उनके विचार एवं शिक्षाएं सदैव मानवता को प्रेम, भाईचारा और आत्मज्ञान की प्रेरणा देती रहें।

वरिष्ठ समाजसेवी ने यह भी कहा कि यह पर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए शांति, सत्य और अहिंसा का सार्वभौमिक संदेश है। इस दिन लोग सफेद वस्त्र धारण कर शांति और सादगी का संदेश देते हैं तथा गरीबों को भोजन और दान देकर मानवता का परिचय देते हैं। मानवता, अहिंसा और आत्मज्ञान की राह दिखाता भगवान बुद्ध का जीवन आज भी प्रासंगिक हैं।

साथ ही, उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया हिंसा, ईर्ष्या और अस्थिरता के दौर से गुजर रही है, ऐसे समय में भगवान बुद्ध की शिक्षाएं और भी अधिक प्रासंगिक हो जाती हैं। उन्होंने ‘अष्टांगिक मार्ग’ के माध्यम से सही सोच, सही संकल्प और सही आचरण की राह दिखाई। उनका मूल संदेश “अप्प दीपो भव” यानी ‘अपना दीपक स्वयं बनो’ आज भी जीवन को दिशा देने वाला है। उन्होंने कहा कि बुद्ध पूर्णिमा हमें यह सिखाती है कि सच्चा सुख बाहरी भौतिक वस्तुओं में नहीं, बल्कि मन की शांति और दूसरों के प्रति करुणा में निहित है। यह पर्व हमें प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है।

आखिर में उन्होंने बताया कि भगवान बुद्ध का जीवन और उनके विचार आज भी मानवता के लिए एक प्रकाश स्तंभ की तरह हैं, जो हमें अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। आइए, बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर हम सभी भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लें और समाज में प्रेम, करुणा, सद्भाव, शांति और मानवता का संदेश फैलाएं। अहिंसा परमो धर्मः और ‘अप्प दीपो भव’ का मंत्र देने वाले, बुद्ध पूर्णिमा की अनंत शुभकामनाएँ और मंगलकामनाएँ आपका जीवन सुख और संयम से परिपूर्ण हो।

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