
मूकनायक समाचार
सत्यशील गोंडाने, बालाघाट
बालाघाट जिले के लांजी क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता और संगठनात्मक मजबूती की दिशा में एक अहम पहल के तहत समता सैनिक दल द्वारा 2 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर बुद्ध विहार, देखानिटोला में आयोजित होगा, जिसमें प्रदेशभर से बड़ी संख्या में युवाओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और तैयारियां तेज़ी से जारी हैं।
समता सैनिक दल लांजी के अध्यक्ष के अनुसार यह प्रशिक्षण शिविर युवाओं के व्यक्तित्व विकास, सामाजिक चेतना और संगठनात्मक कौशल को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम साबित होगा। शिविर में प्रतिभागियों को अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक दायित्व और समता के सिद्धांतों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम के तहत 3 मई को लांजी स्टेडियम में सभी प्रतिभागियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। इस अवसर पर नवयुवक और युवतियां एकत्र होकर एकजुटता का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन समिति का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए आवश्यक हैं।
शिविर में भाग लेने के इच्छुक युवाओं से 22 अप्रैल तक पंजीयन कराने की अपील की गई है, ताकि व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके। स्थानीय स्तर पर पंजीयन की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है।
विशेष आकर्षण के रूप में 1, 2 और 3 मई को सक्रिय सहभागिता करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान डॉ. भीमराव अंबेडकर के पौत्र डॉ. एड भीमराव यशवंतराव अंबेडकर के करकमलों द्वारा प्रदान किया जाएगा, जो युवाओं के लिए प्रेरणादायी अवसर होगा।
शिविर में विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें सामाजिक मुद्दों, संविधान के मूल सिद्धांतों, संगठनात्मक कार्यप्रणाली और नेतृत्व विकास पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा। साथ ही प्रतिभागियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
आयोजकों ने बताया कि गांव-गांव जाकर युवाओं को शिविर की जानकारी दी जा रही है और सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन एवं समाज के विभिन्न वर्गों का भी सहयोग मिल रहा है।
समता सैनिक दल के पदाधिकारियों ने सभी युवाओं और नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और कार्यक्रम को सफल बनाएं। यह शिविर न केवल सीखने का मंच है, बल्कि समाज में नई चेतना के संचार का माध्यम भी है।

