
मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडाने
बालाघाट
तिरोड़ी (नांदी)। सामाजिक न्याय, समता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के प्रणेता भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर नांदी में 26 अप्रैल 2026, रविवार को एक भव्य, ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी आयोजन का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम सम्यक बुद्ध विहार, बाजार चौक नांदी (तहसील तिरोड़ी, जिला बालाघाट) में दोपहर 3 बजे से देर रात्रि तक आयोजित होगा। आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण बना हुआ है और आयोजन समिति द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
इस विशेष अवसर पर आंबेडकर की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया जाएगा, जिसे नांदी क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। यह प्रतिमा न केवल श्रद्धा का प्रतीक होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर शिक्षा, समानता और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश देगी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सामाजिक न्याय के क्षेत्र में सक्रिय राष्ट्रीय स्तर के नेता दामोदर यादव मंडल की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. संजय खोब्रागड़े, जिला अध्यक्ष, जिला बौद्ध संघ बालाघाट द्वारा की जाएगी। इसके अतिरिक्त प्रदेश एवं जिले के अनेक प्रमुख सामाजिक, राजनीतिक एवं संगठनात्मक पदाधिकारी कार्यक्रम में शामिल होकर आयोजन की गरिमा बढ़ाएंगे। प्रमुख अतिथियों में इंजीनियर सत्येंद्र विद्रोही (प्रदेश अध्यक्ष, आजाद समाज पार्टी), अधिवक्ता सुरेंद्र बारमाटे (प्रदेश महासचिव, ऑल इंडिया समता सैनिक दल), अमित बंसोड़, वीरेंद्र शिंदे (भीम आर्मी), रितेश बोरकर (जिला अध्यक्ष), निलेश बौद्ध (जिला अध्यक्ष, ASP), संजय पाटिल (ट्रस्टी, शांतिवन चिचोली नागपुर), सौरभ लोधी (प्रदेश अध्यक्ष, ओबीसी महासभा), कपिल मेश्राम (सभापति, नगर परिषद कटंगी) एवं संजय शेंडे सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 3 बजे विशाल रैली के साथ होगी, जिसमें क्षेत्र के गांव-गांव से बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं एवं नागरिक भाग लेंगे। रैली नांदी के प्रमुख मार्गों से होकर सम्यक बुद्ध विहार पहुंचेगी। इस रैली के माध्यम से आंबेडकर के मूल संदेश—“शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो”—को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
शाम 5 बजे से 6 बजे के बीच प्रतिमा अनावरण का कार्यक्रम संपन्न होगा, जो पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगा। इस दौरान बौद्ध रीति-रिवाजों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी और उपस्थित जनसमुदाय बाबा साहब के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करेगा। यह क्षण क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक माना जा रहा है।
इसके पश्चात शाम 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि एवं अन्य वक्ता अपने विचार व्यक्त करेंगे। इस दौरान सामाजिक जागरूकता, संविधान के मूल्यों, शिक्षा के महत्व, समानता और संगठन की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया जाएगा। वक्ताओं द्वारा युवाओं को प्रेरित किया जाएगा कि वे आंबेडकर के विचारों को आत्मसात कर समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।
रात्रि 10 बजे से प्रसिद्ध कव्वाल फैज़ान ताज़ द्वारा मिशनरी कव्वाली का आयोजन किया जाएगा, जो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहेगा। कव्वाली के माध्यम से सामाजिक समरसता, मानवता और भाईचारे का संदेश प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे उपस्थित जनसमुदाय भाव-विभोर हो उठेगा।
आयोजन समिति द्वारा सभी नागरिकों, युवाओं एवं महिलाओं से विशेष अपील की गई है कि वे इस कार्यक्रम में सफेद वस्त्र धारण कर अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों। सफेद वस्त्र शांति, समानता और एकता का प्रतीक है, जो इस आयोजन के उद्देश्य को और अधिक सशक्त बनाएगा।
समिति के सदस्यों द्वारा गांव-गांव जाकर आमंत्रण दिया जा रहा है और कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आयोजन समिति का कहना है कि यह कार्यक्रम केवल एक जयंती समारोह नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का एक महाआंदोलन है, जो समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाकर आंबेडकर के विचारों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
समिति ने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने और सामाजिक समरसता एवं जागरूकता के इस अभियान में सहभागी बनने की अपील की है।

