Thursday, June 11, 2026
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दलित नाबालिग लड़की के साथ शारीरिक वा मानसिक शोषण, अपहरण और ब्लैकमेल का आरोप: शिकायतों के बावजूद भी पुलिस प्रशासन रही मौन

मूकनायक/रिपोर्टर, राजेश कुमार/बस्ती/उत्तर प्रदेश

रुधौली थाना क्षेत्र का मामला; परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया, आरोपी पर धमकी और ब्लैकमेल के साथ नाबालिक लड़की का किया गया अपहरण
संज्ञेय अपराध होने के बाद भी पुलिस ने नहीं दर्ज किया शिकायत क्या प्रशासन दिला पायेगा दलित परिवार को इंसाफ ?

बस्ती। जनपद के रुधौली थाना क्षेत्र में एक दलित नाबालिग किशोरी के शारीरिक वा मानसिक शोषण, के साथ अपहरण और ब्लैकमेल का मामला सामने आया है। पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र के एक युवक ने लंबे समय से किशोरी का शोषण किया और उसे धमकाकर अपने प्रभाव में बनाए रखा। इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

परिजनों के अनुसार, 24 अप्रैल 2026 को आरोपी युवक कथित रूप से किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। अगले दिन, 25 अप्रैल को किशोरी के पिता ने रुधौली थाने में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि पुलिस ने उचित कार्रवाई का आश्वासन तो दिया, लेकिन तत्काल कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

बताया जाता है कि दो दिन बाद किशोरी अपने घर वापस लौट आई। इसके बावजूद, परिजनों का कहना है कि पुलिस ने मामले में न तो मुकदमा दर्ज किया और न ही आरोपी के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई की। इसके बाद पीड़िता और उसके पिता ने थानाध्यक्ष रूधौली को पुनः थाने पहुंचकर लिखित प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन 30 अप्रैल तक भी कोई कार्रवाई नहीं होने का आरोप है।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी युवक किशोरी को लगातार गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और कथित रूप से फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर व वायरल करने की धमकी लगातार दिया जा रहा है इससे पीड़िता और उसका परिवार भय और मानसिक तनाव में है।

इस मामले ने पुलिस प्रशासन की संवेदनशीलता और कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। आखिरकार, इतनी गंभीर शिकायतों के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यह सवाल स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आरोपी के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई, पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन इस गंभीर प्रकरण में कब तक प्रभावी कदम उठाते हैं।

यह समाचार पीड़िता, उसके पिता तथा संबंधित अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी और बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। इस प्रकरण में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पत्रकार अथवा हमारी संस्था द्वारा नहीं की गई है। मामले की सत्यता की पुष्टि जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के उपरांत ही हो सकेगी।

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