Thursday, June 11, 2026
HomeUncategorizedजय भीम के नारों से गूंजा हथोड़ा (कटंगी), भव्यता के साथ मनाई...

जय भीम के नारों से गूंजा हथोड़ा (कटंगी), भव्यता के साथ मनाई गई डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती

मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडानें
बालाघाट

हथोड़ा (कटंगी) क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हथोड़ा में 23 अप्रैल 2026 को डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती अत्यंत उत्साह, गरिमा और सामाजिक चेतना के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में “जय भीम” के गगनभेदी नारों से वातावरण गुंजायमान रहा, जिससे हर वर्ग में नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार हुआ।

कार्यक्रम का आयोजन पंचशील बौद्ध विहार, हथोड़ा में किया गया, जहां स्थल को नीले ध्वज, प्रेरणादायक पोस्टर, विचार-बैनरों एवं आकर्षक सजावट से सजाया गया था। आयोजन में पंचशील बौद्ध विहार प्रबंधन समिति एवं जयंती समारोह समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला बौद्ध संघ बालाघाट के अध्यक्ष आयू. संजय खोब्रागडे ने किया।

सुबह विशाल रैली के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। रैली में युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों एवं बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतिभागियों के हाथों में नीले झंडे, संविधान की प्रतियां एवं जागरूकता संदेशों वाली तख्तियां थीं। गांव के प्रमुख मार्गों से निकली इस रैली का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।

सायंकालीन सत्र में बौद्ध वंदना, त्रिशरण एवं पंचशील के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। दीप प्रज्वलन एवं महापुरुषों के छायाचित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि आज भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक अधिकारों की नींव बाबा साहेब के विचारों पर आधारित है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, संगठन और जागरूकता को अपनाने का आह्वान किया।

रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा, जिसमें भीम गीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों ने बाबा साहेब के जीवन संघर्ष, सामाजिक न्याय और शिक्षा के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर समाज सेवा एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों का सम्मान शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह देकर किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, बुद्धिजीवी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी आयोजन की विशेषता रही।

अध्यक्षीय उद्बोधन में आयू. संजय खोब्रागडे ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, आत्मसम्मान और शिक्षा का संदेश देता है। उन्होंने समाज को शिक्षित, संगठित और जागरूक बनने की आवश्यकता पर बल दिया।

समापन पर सभी उपस्थितजनों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई, जिसमें सैकड़ों लोगों ने सहभागिता की। मंच संचालन अजित बोरकर द्वारा प्रभावी ढंग से किया गया।

इस प्रकार ग्राम हथोड़ा में आयोजित यह जयंती समारोह केवल उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक समता, एकता और जागरूकता का सशक्त संदेश देने वाला प्रेरणादायक आयोजन सिद्ध हुआ।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments