गुरुघासीदास सेवादार संघ (GSS) का रजत जयंती वर्ष: 6-7 मार्च 2026 को बिलासपुर में दो दिवसीय राष्ट्रीय परिचर्चा
मूकनायक
अजय अनंत
बिलासपुर (छत्तीसगढ़)।
गुरुघासीदास सेवादार संघ (स्थापना: 2000) अपने 25 वर्ष पूर्ण होने पर 6-7 मार्च 2026 को बिलासपुर स्थित त्रिवेणी भवन, व्यापार विहार में “GSS सिल्वर जुबली सम्मेलन एवं ज्वलंत मुद्दा परिचर्चा” का आयोजन कर रहा है। यह सम्मेलन गुरुघासीदास विचार शोध संस्था (GVSS, स्थापना 1998) के ऐतिहासिक शोध निष्कर्षों और जनवादी पहलकदमियों पर आधारित होगा।
सम्मेलन का मूल उद्देश्य
गुरुघासीदास के नेतृत्व में चले सतनाम जनआंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उसके मानवीय-समतामूलक दर्शन तथा उस पर पड़े मनुवादी प्रभावों की आलोचनात्मक समीक्षा करना है।
आयोजन समिति के अनुसार, सतनाम आंदोलन के वास्तविक इतिहास को दबाने-छिपाने और उसे संकीर्ण जातिगत दायरे में सीमित करने के प्रयासों पर प्रमाण आधारित विमर्श आवश्यक है।
मुख्य विषय
सम्मेलन का केंद्रीय प्रश्न होगा:
“मनुवाद के विरोध में गुरुघासीदास के नेतृत्व में विकसित मानवतावादी सतनाम धर्म को ‘गुलाम सेवक जाति’ में क्यों और कैसे बदला गया? इससे मुक्ति क्यों और कैसे संभव है?”
इसके साथ-साथ निम्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी:
गुरुघासीदास का जीवन, विचार और सतनाम आंदोलन का उदय
मिथकीय आख्यान बनाम ऐतिहासिक तथ्य
गुरु बालकदास की शहादत गाथा
जाति उन्मूलन का प्रश्न और डॉ. आंबेडकर की कार्यनीति
चेतनकारी धर्म बनाम दमनकारी धर्म की अवधारणा
धर्मस्थलों के निजी/सरकारी नियंत्रण बनाम लोकतांत्रिक प्रबंधन (सिख प्रबंधन मॉडल संदर्भ)
महिला मुक्ति, संपत्ति में समान अधिकार और पारिवारिक-सामाजिक रूढ़ियों का विश्लेषण
धार्मिक अल्पसंख्यकों के विरुद्ध नफरती हिंसा और राजनीतिक ध्रुवीकरण
1909 जनगणना आदेश की ऐतिहासिक मीमांसा और धार्मिक पहचान का प्रश्न
भारतीय संविधान पर मंडराते खतरे और नागरिक कर्तव्य
सामाजिक-सांस्कृतिक आंदोलनों की भूमिका और सांस्कृतिक विरासत का पुनर्निर्माण
उग्र “हिंदू-हिंदी-हिंदुस्तान” बनाम भारत की बहुलतावादी अवधारणा
प्रमुख वक्ता
सम्मेलन में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रख्यात चिंतक, लेखक एवं सोशल एक्टिविस्ट
डॉ. रतन लाल का विशेष व्याख्यान एवं प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता
डॉ. आर. के. सुखदेव (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ तर्कशील परिषद, रायपुर) करेंगे।
विषय प्रवर्तन श्री लखन सुबोध (GSS केंद्रीय संयोजक) द्वारा किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता, छात्र-नेता, महिला अधिकार कार्यकर्ता एवं जनसंगठनों के प्रतिनिधि अलग-अलग सत्रों में भाग लेंगे।
GSS और GVSS की 25 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां
संस्था द्वारा जारी विवरण के अनुसार, 1998 से अब तक निम्न महत्वपूर्ण कार्य संपादित किए गए:
- ऐतिहासिक शोध एवं दस्तावेजीकरण
छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों में शोध-अध्ययन दौरे
लिखित पुस्तकों, दस्तावेजों और जनसाक्षात्कारों का संकलन
गुरुघासीदास एवं सतनाम के दबाए गए तथ्यों को उजागर कर शोध निष्कर्ष प्रकाशित करना - गुरु बालकदास शहादत पुनर्प्रकाशन
बलिदान दिवस समारोह
नवलपुर (बेमेतरा) में समाधि स्थल खोज और स्मारक स्थापना
बलिदानी माटी कलश यात्रा - मानवाधिकार और सामाजिक न्याय अभियान
सतनाम धर्मस्थलों के लोकतांत्रिक प्रबंधन हेतु कानून की मांग
2001 व 2010-11 जनगणना में सतनाम धर्म की मान्यता संबंधी अभियान
जनमत संग्रह सभा (2015, गिरौदपुरी)
रायपुर व नई दिल्ली में धरना-प्रदर्शन - अंधविश्वास उन्मूलन व वैज्ञानिक दृष्टिकोण
दैविक चमत्कार और अंधविश्वास के खिलाफ जनजागरण
नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र का सार्वजनिक अभिनंदन
अंतर्जातीय/अंतर्धार्मिक विवाह (स्पेशल मैरिज एक्ट) प्रोत्साहन हेतु समिति गठन - साझा सामाजिक मोर्चे
“संविधान बचाओ साझा सामाजिक मोर्चा” निर्माण में पहल
People’s Union for Civil Liberties (PUCL) सहित विभिन्न संस्थाओं के साथ साझा संघर्ष
सामाजिक बहिष्कार उन्मूलन मोर्चा (SBUM)
जन संघर्ष मोर्चा (JSM), जाति उन्मूलन आंदोलन (CAM) आदि से सहभागिता - सांस्कृतिक और शैक्षणिक पहल
छत्तीसगढ़ी सिनेमा के जनक मनुनायकजी का सम्मान (1965 की पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म संदर्भ)
नेपाल स्टडी टूर (जनवरी 2025) – धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक आंदोलन अध्ययन
बौद्ध-आंबेडकर साहित्य संरक्षण हेतु संघर्ष - फैक्ट फाइंडिंग और जनसहायता
बलौदा बाजार 2024 अग्निकांड की तथ्य जांच
कोरोना काल में GSS हेल्प डेस्क
प्रवासी मजदूर एकता बैठक (मुंबई, दिल्ली) - संगठन निर्माण
लोक सिजनहार यूनियन (LSU)
वीरनारायण सिंह सेना (VSS)
सतनाम धर्म संस्थान (SDS)
लोक समता शिक्षण समिति (LS3)
कमियां और चुनौतियां
संस्था के अनुसार, सबसे बड़ी कमी संसाधनों का अभाव है। संगठन का आधार आमजन हैं, जो सीमित साधनों में कार्य कर रहे हैं। 25 वर्ष पूरे होने पर संगठन ने मिशन को और व्यापक रूप से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है।
आयोजन विवरण
तिथि:
6 मार्च 2026 (शुक्रवार) – प्रातः 10:30 बजे से
7 मार्च 2026 (शनिवार) – प्रातः 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक
स्थान: त्रिवेणी भवन, व्यापार विहार, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
संपर्क: 7879520137 (अजय अनंत, कार्यालय सचिव, GSS)
अपील
आयोजन समिति के प्रभारी रूपदास टंडन ने सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे सम्मेलन में भाग लेकर लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय के पक्ष में जनएकजुटता को मजबूत करें।
सम्मेलन को ऐतिहासिक अवसर बताते हुए आयोजकों ने कहा कि “यदि हम अपने इतिहास के जनसंघर्षों को याद कर स्वयं को सजग मानते हैं, तो वर्तमान मानवता के पक्ष में संघर्षों में सक्रिय भागीदारी भी हमारा दायित्व है।”


