मूकनायक
रायपुर में दर्दनाक हादसा: सेप्टिक टैंक में उतरे तीन सफाईकर्मियों की मौत, गुरुघासीदास सेवादार संघ (GSS) और लोक सिरजनहार यूनियन (LSU) ने उठाई कड़ी कार्रवाई की मांग
मूकनायक
अजय अनंत
बिलासपुर छत्तीसगढ़
राजधानी रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में 17 मार्च की रात एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। रात करीब 8 बजे सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन सफाईकर्मियों—गोविंद सेंदरे, अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार—की मौके पर ही मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि करीब 50 मीटर गहरे टैंक में इन मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के उतारा गया था। अंधेरे में कराए जा रहे इस काम के दौरान सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी सामने आई है, जिसने इस हादसे को और भी गंभीर बना दिया।
इस घटना पर गुरुघासीदास सेवादार संघ (GSS) और लोक सिरजनहार यूनियन (LSU) ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे प्रशासन और प्रबंधन की बड़ी लापरवाही बताया है। संगठनों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी, ठेकेदार और अस्पताल प्रबंधन ने सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज किया, जिसके कारण तीन निर्दोष मजदूरों की जान चली गई।
संघों ने इस मामले में तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि मजदूरों के अधिकारों और सुरक्षा के प्रति गंभीर उपेक्षा का परिणाम है।
///प्रमुख मांगें://
- दोषी प्रबंधन, ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए।
- मैनुअल सफाई (सेप्टिक टैंक/सीवर) पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करते हुए उल्लंघन पर आजीवन कारावास का प्रावधान किया जाए।
- मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
- राज्य सरकार की भूमिका की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।
GSS और LSU ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। संगठनों ने कहा कि “सफाई कर्मियों का खून व्यर्थ नहीं जाएगा” और न्याय के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा।

