Thursday, February 26, 2026
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बाल मित्र योजना : सरस्वती कोचिंग सेंटर के विद्यार्थियों ने सीखी– एफआईआर प्रक्रिया, लॉकअप और डायल 112 की कार्यप्रणाली

मूकनायक/ बुद्धप्रकाश बौद्ध पत्रकार

दबोह (भिंड), 21 सितंबर । नगर दबोह में रविवार को बाल मित्र योजना के अंतर्गत सरस्वती कोचिंग सेंटर (आर्ट) के कक्षा 11 और 12 वीं के विद्यार्थी थाना दबोह पहुंचे, जहां थाना प्रभारी राजेश शर्मा ने उन्हें पुलिसिंग व्यवस्था, कानूनी प्रक्रियाओं और आधुनिक सुविधाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर कोचिंग सेंटर के संचालक राजा खान सर, मोहन नायक सर और पत्रकार बुद्धप्रकाश बौद्ध भी उपस्थित रहे।–

आपात स्थिति में 112 डायल करें

थाना प्रभारी शर्मा ने छात्रों को समझाया कि किसी भी आपात स्थिति में अब 112 नंबर डायल करना होता है। यह सेवा पहले 100 नंबर पर उपलब्ध थी। यदि किसी प्रकार का विवाद, झगड़ा या छेड़छाड़ हो, तो 112 पर कॉल करते ही पुलिस तत्काल मदद के लिए पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि हाईटेक 112 वाहन अब कैमरा, स्ट्रेचर जैसी सुविधाओं से लैस होकर सभी थानों में उपलब्ध हैं।

एफआईआर और अपराध प्रक्रिया की जानकारी

छात्रों को एफआईआर कक्ष में ले जाकर बताया गया कि प्राथमिकी कैसे लिखी जाती है और अपराध की धाराएं कैसे लगाई जाती हैं। साथ ही लॉकअप कक्ष का अवलोकन कराया गया और स्पष्ट किया गया कि किसी भी आरोपी को अधिकतम 24 घंटे के भीतर कोर्ट में पेश करना अनिवार्य होता है। कक्षा 12वीं की छात्रा शिवानी पाल पुत्री स्वदेश पाल सिंगौसा ने सवाल किया कि अदम चेक क्या होता है? इस पर थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि यह एक असंज्ञेय अपराध से जुड़ा मामला है। इसके साथ ही धर्मेंद्र पाल जाखौली, अभिषेक रजक सहित अन्य विद्यार्थियों ने भी सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासा शांत की। इस मौके पर कोचिंग की एक पूर्व छात्रा रोहिता धाकड़ पड़री द्वारा बनाया गया टीआई राजेश शर्मा का हुबहू चित्र बनाकर उन्हें भेंट किया गया। तो थाना प्रभारी ने उस छात्रा के चित्र कला की खूब सराहना की ।

साइबर सुरक्षा : फेसबुक पर अनजान लोगों दोस्ती ना करें

थाना प्रभारी ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से सतर्क रहने की सलाह दी। फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि का कम से कम प्रयोग करने की बात कही गई। उन्होंने बताया कि यदि फेसबुक पर किसी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है, तो उसे एक्सेप्ट ना करें। क्योंकि हमारे साथ फ्रॉड हो सकता है। और बताया कि यदि किसी का मोबाइल फोन गुम हो जाए तो थाने में आवेदन देकर मोबाइल का ओरिजिनल बिल और नंबर उपलब्ध कराना होता है। इसके बाद पुलिस संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज करती है।–

थाने का विस्तृत भ्रमण

विद्यार्थियों ने इस दौरान शस्त्रागार, बंदी गृह, रिकॉर्ड रूम, महिला एवं चाइल्ड हेल्थ डेस्क और पुलिस बाल मित्र कक्ष का अवलोकन किया। थाना प्रभारी ने बताया कि बंदी गृह की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से सीधे उनके कक्ष से की जाती है।

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