Friday, April 17, 2026
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कविता “सत्ता के सौदगर

मूकनायक/ देश

राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा

मरहम कहां लगाते अब पड़ोसियों के घाव पर।
कपट मल्लाह बैठे हुए है सत्ता की इस नाव पर।।

झूठे जयकारे लगाते भारत माता के नाम पर।
शहादत का सौदा कर दे बहुमत के दाम पर।।

दीमक बन कर खा रहे हैं बैठ सदन की आड़ पर।
टीवी चैनल बहका रहे हैं हिंदू मुस्लिम राड पर।।

वो क्या जानो पीड़ पराई छाले ना देखें पांव पर।
देख सके दुख दर्द तो जाना कभी दरिद्र गांव पर।।

कुटना लग रहे हो मुझे करोड़ों के अरमान पर।
देश मेरा बिक रहा है व्यापारियों के गोदाम पर।।

लेखक (आलोचक)
आशाराम मीणा उप प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक।
जय भारत।
जय संविधान।।

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