मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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कदर करना और इस्तेमाल करना दो विपरीत अवधारणाएं हैं। कदर करना दूसरों के प्रति सम्मान और महत्व की भावना को दर्शाता है, जबकि इस्तेमाल करना स्वार्थ और शोषण की भावना को दर्शाता है। इंसान की कदर तब तक होती है, जब तक उसका स्वास्थ्य अच्छा है। जब वह लाचार हो जाता है और दूसरों पर आश्रित हो जाता है तो उसकी कदर कम हो जाती है । जब तक उसके पास पर्याप्त धन है, वह किसी के आगे हाथ नहीं फैलता, तब तक उसकी कदर होती है ।
वहीं जब तक इंसान संगठन और परिवार में रहता है, तो उस समय तक उसकी कदर रहती है और परिवार व संगठन से बाहर निकलते ही उसकी कदर समाप्त हो जाती है । जीवन में ऐसे भी कई लोग मिलते हैं, जिन्हें आप समय के साथ भूल जाते हैं, लेकिन ऐसे भी कुछ लोग होते हैं जिनके साथ बिताए आनंदमई पलों की यादगार बनी रहती है, उन्हें कभी न खोएं । इसलिए मिलना है तो कदर करने वालों से मिलो, इस्तेमाल करने वाले आपको खुद ही ढूंढ लेंगे ।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

