Friday, April 17, 2026
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कृषक फसलों को जोखिम से बचाने करवाएं 31 जुलाई तक फसल बीमा

मूकनायक/ महेश रामटेके
(ब्यूरो चीफ मंडला जिला-मंडला , मध्यप्रदेश)

मंडला|प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ वर्ष 2025 अधिसूचित फसलों की बीमा करवाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास मण्डला श्री अश्वनी झारिया ने जिले के समस्त कृषकों से अपील की है कि वे इस अवधि का लाभ लें एवं अधिक से अधिक अऋणी कृषकों के रूप में अधिसूचित फसलों का बीमा कराएं।
खरीफ वर्ष 2025 में धान सिंचित, धान असिंचित, मक्का, फसल पटवारी हल्का स्तर पर घुघरी, निवास एवं बिछिया में कोदो-कुटकी तहसील स्तर पर तथा उड़द फसल जिला स्तर पर अधिसूचित है। धान सिंचित की प्रीमियम राशि 814 रूपए, धान असिंचित की राशि 693 रूपए, मक्का की राशि 590 रूपए, अरहर की राशि 612 रूपए, कोदो-कुटकी की राशि 398 रूपए एवं उड़द की प्रीमियम राशि 556 रूपए प्रति हैक्टेयर है।
श्री झारिया ने बताया कि बीमा करवाने के लिए किसानों को आधार कार्ड की प्रति, पूर्णतः भरा हुआ प्रस्ताव फॉर्म, नवीनतम खसरा-खतौनी आदि की प्रतिलिपि, स्वयं द्वारा जारी बुवाई प्रमाण-पत्र, किरायेदार (बटाईदार) किसानों के लिए लागू अनुबंध/समझौते के लिए शपथ पत्र की प्रति, आईएफएससी नंबर और बैंक खाता संख्या या रद्द किए गए चौक या बैंक पासबुक की प्रति लगेगी।
अऋणी कृषक के रूप में कृषक संबंधित बैंक जिसमें कृषक का बचत खाता हो या ग्राहक सेवा केन्द्र अथवा ब्लॉक में उपस्थित बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों के माध्यम से तथा सहकारी समितियों में भारत सरकार के पोर्टल पीएमएफबीवाय के माध्यम से 31 जुलाई तक करवा सकते हैं बीमा।
प्रभावित बीमित कृषक को आपदा के 72 घंटे के अंदर सीधे बीमा कम्पनी के कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाईन नंबर 14447 पर अथवा लिखित में बैंक/कृषि विभाग/बीमा कम्पनी के अधिकारियों के माध्यम से स्थानीय आपदा की स्थिति की सूचना देना आवश्यक है।
योजना के अंतर्गत जोखिम कवर हेतु खड़ी फसल (बोआई से कटाई तक) में नुकसान क्षेत्र आधारित दृष्टिकोण के आधार पर/फसल कटाई के उपरांत ओलावृष्टि, चक्रवात, बैमौसम वर्षा से व्यक्तिगत नुकसान के आधार पर/स्थानीय आपदा (भू-स्खलन, ओलावृष्टि, जलभराव, बादल फटना, आकाशीय बिजली (व्यक्तिगत आधार पर)/असफल बुआई/रोपड अंकुरण जोखिम (कम वर्षा या प्रतिकूल मौसम के कारण बुआई/अंकुरण विफलता) होने पर 72 घंटे के अंदर बीमा कंपनी के प्रतिनिधि एवं पटवारी या कृषि विभाग अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

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