समस्त एससी-एसटी ओबीसी अल्पसंख्यक समुदाय मतलब बहुजन समाज के सभी जनप्रतिनिधि शासकीय अशासकीय अधिकारी-कर्मचारी शिक्षक छात्र-छात्राएं सुबह 9 बजे शिक्षा की देवी प्रथम महिला शिक्षिक राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले जी की 03/01/2025को 194वीं जयंती के अवसर पर घर परिवार के साथ प्रतिमा पर पुष्प अर्पित उनके विचारों जीवन संघर्ष पर चर्चा करें और उनके विचारों को घर-घर गांव-गांव पहुंचाएं बतायें ताकि प्रत्येक घर परिवार समाज महिलाओं छात्र-छात्राओं में शिक्षा जागरूकता ज्ञान-विज्ञान संविधान लोकतंत्र की ओर चलने की प्रेरणा प्राप्त हों मानवता समता बंधुत्व बराबरी करूणा दया शील को बढ़ावा देने वाली मातृ-शक्तियों संतों महापुरुषों वीर सपूतों के प्रति सम्मान की भावना जागृत हों माता सावित्रीबाई फुले जब अपने विद्यालय में महिलाओं छात्र-छात्राओं को पढ़ाने जाती थी तो मनुवादी व्यवस्था आरएसएस विचारधारा के लोग राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले के ऊपर कीचड पत्थर फेंक कर अपमानित करते थे मगर इस अपमान को भी देश शिक्षा जागरूकता मतलब हम सबके लिए सहती रही इस अपमान की सिकायत अपने पति महात्मा ज्योतिराव फुले जी से कभी नहीं करती थी वो लगातार शिक्षा जागरूकता देने का कार्य करती रही बहुजन समाज को ऐसे महान शक्तिशाली नारी शक्ति राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले सहित अन्य सभी जो शिक्षा जागरूकता ज्ञान-विज्ञान संविधान लोकतंत्र समता को बढ़ावा देने के लिए अपने जीवन सहित घर परिवार को क़ुर्बान बलिदान कर दिये ऐसे महान संतों महापुरुषों वीर सपूतों के जन्मदिवस परी निर्माण दिवस को बड़े धूम-धाम से मनाना चाहिए यही हम सबके लिए मतलब बहुजन समाज मतलब एससी-एसटी ओबीसी अल्पसंख्यक समुदाय के लिए असली जीवन है वो मनुवादियों द्वारा धोपी गई व्यवस्था मनुस्मृति विचारधारा के त्योहार बहुजन समाज के लिए हार के प्रतित है हम सब मतलब एससी-एसटी ओबीसी अल्पसंख्यक समुदाय के लिए यही संतों महापुरुषों वीर सपूतों को पढ़ना-लिखना सुनना-समझना जानना मानना जीवन का सबसे बड़ा महापर्व है जब-तक सूरज चांद सितारे रहेंगे जब-तक राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले जी का नाम रहेगा कोटि-कोटि नमन।

