मूकनायक
राजस्थान/ केकड़ी / बोराड़ा
महेन्द्र कुमार बैरवा डबरेला
किशनगढ़ में एलपीजी गैस की एक पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है और अब समय आ गया है कि हम अपनी सुरक्षा और संभावित खतरों पर विचार करें।
किशनगढ़ में एलपीजी गैस पाइपलाइन कुछ इलाकों में बिछाई जा चुकी है और कुछ में बिछाने का काम चल रहा है। इस परियोजना को शहर के लिए ऊर्जा की आपूर्ति को सरल और कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। लेकिन हमें याद रखना चाहिए कि इस परियोजना संभावित खतरे कम नहीं हैं और उन्हें नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता।
जयपुर-अजमेर रोड पर हुए हादसे ने ऐसे खतरों को लेकर चिंताओं को और भी बढ़ा दिया है।एलपीजी पाइपलाइन परियोजना आधुनिकता और सुविधा की दिशा में एक बड़ा कदम है, लेकिन इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना उतना ही महत्वपूर्ण है।
किशनगढ़ वासियों को लेकर सरकार, मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों आदि से बातचीत करनी चाहिए। खासकर प्रशासन और अधिकारियों से सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देने को लेकर।
और यह बता देना उचित है कि कंपनी के स्थानीय अधिकारी भयंकर लापरवाह हैं और वे सड़कों को तोड़कर उन्हें फिर वैसा का वैसा बनवाने में कोई दिलचस्पी नहीं रखते। वे सिर्फ टार्गैट पूरा करने में लगे हैं। किसी के पास इनके न नंबर हैं और न ही ये पकड़ में आते हैँ। यह भी नहीं कि ये जनता के बीच सीधे आकर बात करें।
यह वक्त है कि हम न केवल विकास के बारे में सोचें, बल्कि उसके साथ जुड़े संभावित खतरों को भी गंभीरता से लें और उन्हें दूर करने के लिए ठोस कदम उठाएं।
जागरूक बनें और अपने शहर की सुरक्षा सुनिश्चित करने में योगदान दें।
संभावित खतरे
1पाइपलाइन क्षति का जोखिम: निर्माण कार्य, खुदाई या अन्य गतिविधियों के दौरान पाइपलाइन को क्षति पहुंचने की आशंकाएं हैं। ऐसी स्थिति में गैस रिसाव हो सकता है, जो आग या विस्फोट का कारण बन सकता है।
2दुर्घटनावश तोड़फोड़: अनजाने में या जानबूझकर किसी ने पाइपलाइन को क्षतिग्रस्त किया, तो यह पूरे क्षेत्र को खतरनाक गैस रिसाव के जोखिम में डाल सकता है।
3प्राकृतिक आपदाएं: भूकंप, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पाइपलाइन में क्षति की संभावना रहती है, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है।
4आतंकी खतरा: पाइपलाइन को लक्षित करना आतंकी गतिविधियों का हिस्सा हो सकता है, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है।
क्या किया जाना चाहिए?
1सुरक्षा उपायों की योजना:
◦पाइपलाइन बिछाने से पहले विस्तृत जोखिम मूल्यांकन किया जाना चाहिए।
◦अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके रिसाव का तुरंत पता लगाने और उसे रोकने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
2जनजागरूकता अभियान:
◦शहरवासियों को पाइपलाइन के साथ जुड़े खतरों और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जानी चाहिए।
◦आकस्मिक स्थिति में क्या करें, इसकी जानकारी हर नागरिक तक पहुंचनी चाहिए।
3सख्त निगरानी और रखरखाव:
◦पाइपलाइन की नियमित जांच और रखरखाव सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
◦सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और संवेदनशील क्षेत्रों में कैमरों का उपयोग किया जाए।
4आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना:
◦किसी भी दुर्घटना की स्थिति में बचाव कार्य को तुरंत शुरू करने के लिए एक व्यापक आपातकालीन योजना तैयार होनी चाहिए।
◦स्थानीय प्रशासन, पुलिस, और अग्निशमन विभाग के बीच तालमेल होना चाहिए।
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