मूकनायक
देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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महापुरुष केवल रास्ता दिखाते है, लेकिन मंजिल तक तो कर्म ही पहुंचाता है। अपनी किस्मत को कभी दोष मत दीजिए। इंसान के रूप में जन्म मिला है, ये किस्मत नहीं तो और क्या है। कहते हैं कि रेत में गिरी हुई चीनी चींटी तो उठा सकती है परंतु हाथी नहीं..,
इसलिए छोटे आदमी को छोटा न समझे, कभी कभी वो भी बड़ा काम कर जाता है। “बुराई” करना रोमिंग की तरह है । करो तो भी चार्ज लगता है और सुनो तो भी चार्ज लगता है और “नेकी” करना जीवन बीमा की तरह है, जिंदगी के साथ भी जिंदगी के बाद भी। इसलिए “महापुरुषों” के मार्गदर्शन का अनुसरण करते रहिये और अच्छे कर्म का “बोनस” पाते रहिये….
लेखक
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

