Thursday, February 26, 2026
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मेरे लिए भारत के राष्ट्रपिता ज्योतिबा फूले हैं

मूकनायक /देश

राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा

बहुजनों के मसीहा, बहुजन नायक, क्रांतिकारी, महान तपॅस्वी, महान त्यागी, बहुजनों के मार्ग दर्शक और वैज्ञानिक से बने समाजिक वैज्ञानी मान्यवर साहेब श्री कांशीराम जी के त्याग और संघर्ष भरे जीवन की दास्तान हम आपके साथ सांझा करते हैं।

अगर केंद्र में हमारी सरकार बनती है तो महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता का दिया गया दर्जा समाप्त कर दिया जाएगा। साहेब ने उपरोक्त शब्द 2 अप्रैल 1994 को अहमदाबाद (गुजरात) में एक पत्रकार सम्मेलन को संबोधन करते हुए कहे थे। पत्रकार सम्मेलन में साहेब ने दोष लगाया कि गांधी ने पिछड़े वर्गों के साथ सदा अहित ही किया है। साहेब ने कहा कि गांधी ने ब्राह्मणवाद को ही बढ़ावा दिया है, जिसका नतीजा यह है कि आज देश का प्रधानमंत्री भी ब्राह्मणवादी है, मुख्य चुनाव आयुक्त भी तथा राष्ट्रपति भी ब्राह्मणवादी है। उधर अप्रैल 1994 को दैनिक अमर उजाला ने यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के हवाले से बेंगलुरु से बयान छाप दिया व लिखा कि महात्मा गांधी अनुसूचित जाति लोगों के कट्टर हितैषी थे। गांधी ने राजसत्ता के बगैर भी अनुसूचित जाति के लोगों के लिए कई कल्याणकारी काम किए। जबकि डॉ. आंबेडकर ने सरकार में मंत्री होते हुए भी अनुसूचित जाति के लोगों के लिए कुछ नहीं कर सके। भारत क्या, विश्व में भी गांधी से बड़ा कोई नेता ही नहीं हुआ।

मुलायम सिंह ने यह भी कहा कि वैसे तो मैं इस विवाद में पड़ना नहीं चाहता लेकिन कृष्ण के बाद गांधी और उसके बाद लोहिया ने ही पिछड़े वर्गों के लिए कल्याणकारी आवाज उठाई।

बाबासाहेब को पढ़ना चाहिए ना कि जपना चाहिए- साहेब कांशी राम।

प्रस्तुत करता है
इंजीनियर तेजपाल सिंह
94177-94756

जुॅग पलटाऊ बहुजन महानायक
पुस्तक मैं कांशीराम बोलता हूं।
लेखक-पम्मी लालो मजारा।
95011-43755

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