Thursday, February 26, 2026
Homeदेशगलत संगति के प्रभाव से ही बिगड़ जाता है हमारा व्यवहार

गलत संगति के प्रभाव से ही बिगड़ जाता है हमारा व्यवहार

मूकनायक
देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
✍🏻✍🏻
हमारे व्यवहार पर संगति का बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है। गलत संगति के प्रभाव से ही हमारा व्यवहार भी बिगड़ जाता है। हम कितना भी भजन कर लें, ध्यान कर लें लेकिन हमारा संग गलत है तो हमारा सुना हुआ, पढ़ा हुआ, और जाना हुआ कुछ भी आचरण में नहीं उतर पायेगा । व्यवहार की शुद्धि के लिए महापुरुषों का संग अवश्य होना चाहिए।
दुर्जन की एक क्षण की संगति भी बड़ी घातक होती है। वृत्ति और प्रवृत्ति तो संत संगति से ही सुधरती है। संग का ही प्रभाव था कि लूटपाट करने वाले और रामायण लिखने वाले वाल्मीकि जी बन गए जबकि थोड़े से भगवान बुद्ध के संग ने अंगुलिमाल जैसे डाकू का भी हृदय परिवर्तन कर दिया और भगवान बुद्ध से प्रभावित होकर आगे अंगुलिमाल बहुत बड़ा संन्यासी बना और अहिंसका के नाम से प्रसिद्ध हुआ ।
लेखक
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments