मूकनायक
देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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इंतजार लंबा हो तो चलता है, परंतु एक तरफा हो तो बहुत दर्द देता है। कहते हैं कि वक्त बदलने से उतनी तकलीफ नहीं होती, जितनी किसी अपने के बदल जाने से होती है। शायद इसीलिए अपनों के साथ वक्त का पता नहीं चलता, मगर वक्त के साथ यह भी पता चल जाता है कि कौन अपना और कौन पराया है।
दर्द तो सभी इंसानों के दिल में होता है, लेकिन किसी अपने के मुख से बोला गया एक गलत शब्द सामने वाले के सीने में लगे हुए तीर के समान दर्द देता है । बुद्धिमान और खूबसूरत इंसान वह होता है, जो अपनों के दर्द को समझता है । इसलिए कुछ हासिल करने के लिए जरूरी नहीं कि हमेशा दौड़ा ही जाए! बहुत सारी चीज़ें ठहरने से भी प्राप्त हो जाती है… जैसे सुख, शान्ति और सुकून ।
लेखक
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

