मूकनायक/राजस्थान/जिला ब्यूरो चीफ सांचौर/रिडमल राम परमार
जालोर – जालोर और सांचौर जिले की विभिन्न पंचायत समितियों में कुछ समय पहले दिव्यांग प्रमाण पत्र शिविरों का आयोजन किया गया था। इन शिविरों में बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों ने भाग लिया और अपनी जांच करवा कर फार्म जमा करवाये थे। लेकिन शिविर समाप्त होने के कई दिनों बाद भी प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए हैं, जिससे दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दिव्यांगजनों ने जिला कलेक्टर जालोर को शिकायत की है कि शिविरों में भरे गए फार्म मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय तक पहुंचे ही नहीं हैं। और जो फार्म वहां तक पहुंचे हैं, उनकी प्रक्रिया भी अधूरी है। शिविरों में जमा किए गए फार्मों को ट्रोमा सेंटर से भी मंगवाया जाना बाकी है। इस देरी के कारण न केवल उनकी पहचान के लिए आवश्यक दस्तावेज रुके हुए हैं, बल्कि सरकारी योजनाओं, पेंशन और अन्य लाभ भी नहीं मिल पा रहे हैं।
दिव्यांगजनों और उनके परिजनों ने जिला कलेक्टर को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए मांग की है कि:
- ब्लॉक स्तर पर लंबित प्रमाण पत्र शीघ्रता से जारी किए जाएं।
- ट्रोमा सेंटर में रखे गए फार्मों को मंगवाकर ऑनलाइन प्रमाण पत्र तैयार करवाए जाएं।
- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश देकर दिव्यांगजनों की समस्याओं का समाधान कराया जाए।
इस मामले में समाजसेवी संगठनों ने भी प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपील की है। उनका कहना है कि प्रमाण पत्र जारी होने में हो रही देरी दिव्यांगजनों के साथ अन्याय है। समाजसेवी संगठनों ने प्रशासन से इस कार्य को प्राथमिकता देने की मांग की है।
दिव्यांग प्रमाण पत्र से दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता, पेंशन, मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं, आवास योजनाएं, और अन्य कई प्रकार की सहायता मिलती है। प्रमाण पत्र न होने के कारण ये सभी लाभ फिलहाल रुके हुए हैं।
दिव्यांगजनों और उनके परिजनों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन शीघ्र कदम उठाकर उनकी समस्याओं का समाधान करेगा।

