मूकनायक
देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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जो बात आपके बस में नहीं है, उसके बारे में सोचना केवल और केवल समय की बर्बादी ही है। बड़े बुजुर्गो का कहना है कि संभाल कर रखी हुई चीज और ध्यान से सुनी हुई बात कभी ना कभी काम आ ही जाती है और वही इंसान जीवन में आगे बढ़ते हैं, जो स्वयं की तारीफ और आलोचना दोनों सुनने व स्वीकार करने की हिम्मत रखते हैं।
इसलिये हमेशा अच्छा सोचिए, अच्छा बोलिए, अच्छे कर्म कीजिए, परोपकारी बनिए और खुशियां बांटिए क्योंकि इस ब्रह्मांड में प्रकृति के अनुसार सब आपके पास वापस लौटकर आना है। बाकी:- संबंधों को बनाना ऋण लेने के समान आसान अवश्य है, किन्तु उन संबंधों को निभाना किश्तें भरने के समान बड़ा कठिन है ।
लेखक:
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी, हरियाणा

