आखिर क्या है जो दिखाया जाता है वह हकीकत है या फिर अपनी दुकान चलाने का जरिया।क्या सच में मिलता है मरीजों को आराम या सब है पाखण्ड।
ललितपुर/ (सुरेंद्र कुमार) मां अंजनी लाल धाम विरारी मां अंजनी का मंदिर है जिसे संतोष पुरी महाराज के द्वारा बनवाया गया है।इस धाम पर दूर दूर से सैकड़ों कि संख्या में लोगों का सोमवार और शनिवार के दिन आना होता है।और इसी प्रकार के तीन और इनके धाम होने के बारे में पता चला है, जो इस प्रकार हैं, इनका एक धाम झांसी में भी लगाया जाता है और एक धाम आगरा में जहां पर यह इस प्रकार का लोगों को ठीक करने का कार्य करते हैं।
वहीं अंजनी लाल धाम पर यह दावा किया जाता है कि कोई भी किसी भी बीमारी से ग्रसित व्यक्ति हो उसको 10 से 15 मिनट के अंदर आराम लग जाता है।और वहीं अंजनी लाल धाम विरारी पर संतोष पुरी महाराज ने बड़े बड़े अक्षरों में एक पोस्टर चिपकाया हुआ है, उस पर लिखा हुआ है। कि यदि कोई ग़रीब व्यक्ति बाहर से आता है तो अंजनी लाल धाम संस्था कि तरफ़ से उक्त ग़रीब व्यक्ति के लिए आने जाने का ट्रेन का किराया दिया जायेगा और उसके खाने पीने कि उचित व्यवस्था कि जायेगी।और यदि उसी दिन अर्जी नहीं लगी तो उक्त संस्था कि तरफ़ से खाने पीने कि और रुकने कि व्यवस्था भी बिल्कुल मुफ्त कराई जायेगी।
जिससे अंजनी लाल धाम पर एक अच्छी खासी आमदनी होती है।जैसे इस धाम पर प्रसाद कि स्वयं कि दुकान रखी हुई है जिसमें नारियल या अगरबत्ती आदि होती हैं जिसका मूल्य 150 रुपया रखा गया है।और उसके बाद अंजनी लाल धाम के नाम कि एक पर्ची कटानी होती है जो अर्जी लगाने का एक माध्यम है उस पर्ची यानि रसीद पर सीधा 500 लिखा होता है और साथ ही लोगों के नंबर लिखे होते हैं कि इनका कौन सा नंबर लगेगा।
लेकिन जब हकीकत से रूबरू हुए तो पता चला कि यहां पर कुछ फ्री नहीं है यह तो एक धंधा है, और यह केवल बड़े बड़े पोस्टर लोगों को अंजनी लाल धाम आने के लिए आकर्षित करने का एक मात्र जरिया है।जबकि ऐसी सुविधाएं बिल्कुल भी नहीं हैं।जब इस संबंध में पड़ताल हुई तो पता चला कि वहां पर अर्जी लगाने के लिए प्रत्येक सोमवार और शनिवार को पहुंचकर 150 रुपया का प्रसाद लेना पड़ता है और वहीं 500 रुपया कि टिकट यानि अर्जी लगाने के लिए 500 रुपया कि पर्ची (रसीद) कटानी पड़ती है।और यदि उस दिन आपकी अर्जी नहीं लगी तो फिर यह रकम बढ़कर हजारों में बढ़ जाती है ।और इनके रोगों से ठीक होने का दावा तो जब सत्य माना जायेगा जब कोई कैंसर से पीड़ित व्यक्ति सही हुआ होगा जिसकी इनके यहां दिखाने वाले कैंसर पीड़ितों से संपर्क साधने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे यह साबित हो सके कि इस धाम पर जाना मरीजों को लाभदायक है या फिर यहां आकर अपनी जान से खिलवाड़ करना।क्योंकि कैंसर एक लाइलाज बीमारी है और यदि इसका इलाज समय पर नहीं हुआ तो यह एक भयावह रुप ले लेती है इसलिए इसके बारे में पड़ताल जारी रहेगी।

