रैफर सेंटर, अधीक्षक की होड़,
महरौनी/ललितपुर। अस्पतालों की हालत से तो पूरा उत्तर प्रदेश वाकिफ हैं, वही आज के समय मैं चिकित्साधिकारियों के सामने अस्पताल मैं कुछ लोगों की दबंगई आज भी चरम पर हैं, आज जब विजयराम आजाद पत्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महरौनी मैं उपचार करने गए तो सौरभ रावत ने कुर्सी से उठा दिया और धमकी भरे अंदाज मैं परिचय पूंछने पर बोले कि स्टाफ से हूं, उक्त घटना के समय चिकित्साधिकारी महिपाल सिंह मौजूद थे। चिकित्साधिकारी के सामने इस प्रकार की हरकत यह बताने के लिए काफी हैं, की अस्पताल पूरी तरह से भगवान भरोसे हैं। यह पूरा वाक्य महरौनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैं लगे कैमरा मैं कैद हो गया हैं। जिला चिकित्साधिकारी से शिकायत करने पर जिला चिकित्साधिकारी से बात की जिस पर चिकित्साधिकारी ने महिपाल सिंह चिकित्साधिकारी महरौनी से बात की जिस पर चिकित्साधिकारी महिपाल सिंह बोले अस्पताल मैं बैठकर हमीं से पंगा ले रहो हो। और कह कर डांट दिया।
लाखों की तनख्वा के बाद भी 50 रुपए शुल्क लिए बिन नहीं होता इलाज सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महिपाल सिंह से जो मरीज उनके आवास पर दिखाने आते हैं, mp singh उनसे 50 रुपए का शुल्क लेते हैं। साथ ही अस्पताल से दवा न लिखकर मेडिकल की दवाइयां लिखते हैं। महिपाल सिंह कहने को तो कलयुग के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर हैं लेकिन वह पूरी तरह से अपने इस कर्तव्य के पथ से भटक चुके हैं। जहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैं डॉक्टरों की कमी हैं वहीं महिपाल सिंह बहुत कम ही अस्पताल मैं बैठकर मरीजों को देखते हैं। समय समय पर महिपाल सिंह को लेकर लोग सवाल खड़े करते रहते हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महरौनी रैफर केंद्र बनकर रह गया हैं जबकि महरौनी मैं करीब 6 चिकित्साधिकारी हैं, उसके उपरांत भी महरौनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रैफर केंद्र बना हुआ हैं, जिसका सबसे बड़ा कारण डॉक्टरों का लापरवाह होना हैं।
8 के बाद शराब का अड्डा दिखता हैं स्वास्थ्य केंद्र सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जैसे ही रात्रि के 8 बजते हैं ज्यादातर कर्मचारी शराब के नशे में धुत्त नजर आते हैं जिसका परिणाम यह होता हैं कि स्वास्थ्य केंद्र मैं आए मरीज सीधे ललितपुर मेडिकल कॉलेज रैफर किए जाते हैं। करोड़ों की लगत से निर्मित बिल्डिंग, लाखों की तनख्वा पाते चिकित्सक सब व्यर्थ ओर दिखावा साबित होता हैं। सफेद हाथी तो हम लोगों ने केवल सुना ही होगा लेकिन आज देखने को भी महरौनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में देखने को मिलता हैं। जो पूरी तरह लापरवाह व जिम्मेदारी विहीन नजर आती हैं। जिसकी खबरें समय समय पर महरौनी/ललितपुर की मीडिया दिखाती रहती हैं।
नर्स ने किया था बीते दिन विषाक्त पदार्थ का सेवन बीते दिनों तत्कालीन चिकित्सा अधीक्षक सिद्दार्थ जैन के ऊपर आरोप लगाते हुए, महिला नर्स ने विषाक्त पदार्थ खा लिया यह जिसके बाद हालत नाजुक होने पर जिला मेडिकल कॉलेज ललितपुर रेफर किया गया था जहां उसका उपचार चला। जिसके बाद सीएमओ ललितपुर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महरौनी के चिकित्सा अधीक्षक को हटा दिया था।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महरौनी हमेशा बना रहता हैं युद्ध का अखाड़ा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महरौनी हमेशा से युद्ध का अखाड़ा बना रहता हैं जिसका मुख्य कारण चिकित्साधिकारियों का एक दूसरे के प्रति द्वेष भावना का होना हैं। स्वयं को चिकित्साधिकारी के पद देखने को लेकर डॉक्टर हमेशा लड़ते झगड़ते रहते हैं।

