मूकनायक/राजस्थान/जिला ब्यूरो चीफ सांचौर/रिडमल राम परमार
सांचौर की प्रख्यात हस्ती और समाज सेवा के प्रतीक रमेश कुमार बोस ने एक बार फिर मेघवाल समाज के उत्थान में अपने समर्पण का परिचय दिया। उनके द्वारा किए गए कार्य न केवल समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, बल्कि वे समाज के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन चुके हैं।रमेश कुमार बोस ने समाजसेवी मांगीलाल राठौड़ के आग्रह पर जोधपुर स्थित मेघवाल समाज बालिका छात्रावास के लिए एक कमरे का निर्माण करवाने का संकल्प लेते हुए 1,00,000 रुपये का तत्काल आर्थिक सहयोग प्रदान किया। उनकी यह उदारता समाज की बेटियों के लिए उच्च शिक्षा और बेहतर सुविधाओं का मार्ग प्रशस्त करेगी। यह सहयोग छात्रावास में रहने वाली लड़कियों को एक सुरक्षित और आरामदायक वातावरण प्रदान करेगा, जहाँ वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगी।इसके अलावा, बोस ने मेघवाल समाज चितलवाना की जमीन क्रय के लिए 10 लाख रुपये का सहयोग प्रदान किया। यह कदम समाज के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके माध्यम से समाज के पास अपनी भूमि होगी, जहाँ वे विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर सकेंगे। इस जमीन का उपयोग सामाजिक, सांस्कृतिक, और शैक्षिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा, जिससे समाज के सदस्य आपस में जुड़े रह सकेंगे और एक-दूसरे का सहयोग कर सकेंगे।बोस ने जोधपुर में स्थित मेघवाल समाज आरोग्य भवन धर्मशाला के निर्माण के लिए 5,51,000 रुपये का सहयोग भी दिया। यह भवन समाज के लोगों को सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करेगा, जिससे वे किफायती दरों पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता से समाज के लोग स्वस्थ जीवन जी सकेंगे, जो उनके विकास और समृद्धि के लिए आवश्यक है। इस भवन में चिकित्सकीय सेवाएँ, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम और विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षणों का आयोजन किया जाएगा।अपने पैतृक गांव अगार में शिक्षा के प्रसार के उद्देश्य से, बोस ने सरकारी विद्यालय के भवन निर्माण के लिए 5,00,000 रुपये का योगदान दिया। यह सहयोग गाँव के बच्चों को बेहतर शिक्षण सुविधाएँ प्रदान करेगा, जिससे उनकी शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा और वे अपने भविष्य के लिए बेहतर अवसरों की ओर बढ़ सकेंगे। शिक्षा का विकास समाज के समग्र विकास के लिए आवश्यक है, और बोस का यह योगदान निश्चित रूप से बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।रमेश कुमार बोस का सहयोग केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। समाज के प्रति उनके योगदान के अन्य महत्वपूर्ण पहलू भी हैं, जैसे कि जागरूकता और सेवा भावना का प्रसार। अपने जन्मदिवस के अवसर पर उन्होंने रक्तदान शिविर का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। इस शिविर ने लोगों में रक्तदान के महत्व को उजागर किया और समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया।बोस की यह पहल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सेवा भावना को बढ़ावा देने का प्रतीक है। वे बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के आदर्श “पे बैक टू सोसाइटी” को अपने जीवन में अपनाकर समाज को सशक्त बनाने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं। उनके कार्य समाज के प्रत्येक क्षेत्र में सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और शिक्षा को बढ़ावा दे रहे हैं।समाज को ऐसे विशिष्ट प्रतिभाओं पर गर्व है, जिनकी वजह से समाज का भविष्य उज्जवल दिशा में अग्रसर हो रहा है। रमेश कुमार बोस जैसे समाजसेवियों के समर्पण और उदारता ने समाज को प्रेरणा और आत्मनिर्भरता की राह दिखाई है। उनके कार्यों से समाज के जरूरतमंद वर्ग को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें और समाज में अपनी पहचान बना सकें।

