ललितपुर ब्यूरो (सुरेंद्र कुमार ) राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार इतना बढ़ गया है, जिसे आंकना ही मुमकिन होगा, जिसके कारण यह भ्रष्ट लेखपाल आए दिन ग़रीब किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर उनकी सालों कि कीमती जमीन चंद रूपए लेकर उन पैसे बालों और रसूखदार लोगों को नाप देते हैं और इन ग़रीब किसानों को उठाकर कहीं दूर पटक देते हैं, यह भ्रष्टाचारी किसी भी नियम कायदों और मानवता को चंद पैसों में गिरवी रखने से भी परहेज नहीं करते हैं, यदि किसान कि जमीन एक चक भी हो और वह केवल कीमती जमीन हो तो वह किसी गांव के रसूखदार व्यक्ति के नाम नाप दी जाती है और इन ग़रीब किसानों का उत्पीड़न इस प्रकार से किया जाता है,
मामला तहसील पाली के ग्राम चंदेरा से आया है, किसान गंगाराम अहिरवार अपने सम्पूर्ण परिवार सहित भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर हो गया है, गंगाराम अहिरवार का कहना है कि वह अपनी जमीन पर बाप दादाओं के समय से अपनी जमीन को जोतते बोते आ रहे हैं, लेकिन इस बार जुलाई में लेखपाल और कानूनगो ने गंगाराम अहिरवार का सेफरेट चक जिसका आरजी नंबर 132 किसी और को नाप दी है, जिसकी शिकायत उक्त व्यक्ति कई बार तहसील दिवस में करता आ रहा है, मगर उसके साथ कोई न्याय नहीं किया गया, जिसके कारण पीड़ित किसान भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर हो गया है और पाली तहसील परिसर में अपने छोटे छोटे बच्चों के साथ भूख हड़ताल पर बैठ गया है।अब देखना होगा कि ग़रीब किसान को न्याय मिलता है या फिर इन भ्रष्ट लोगों के कारण बैठा रहेगा।

