. मूकनायक
देश
(राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा)
संवैधानिक न्यायपालिका का प्रमुख दायित्व संविधान का संरक्षण करना है।
स्वतंत्र न्यायपालिका अपने सभी निर्णय, फैसले संविधान के अनुरूप देने के लिए बाध्य है।
न्यायपालिका के किसी भी न्यायाधीश को संविधान को दरकिनार कर निर्णय, फैसले देने का अधिकार नहीं है।
मुख्य न्यायाधीश चन्द्रचूड़ का यह कहना कि मैंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का निर्णय भगवान के निर्देश पर दिया था, पंथनिरपेक्ष संविधान की खुल्लमखुल्ला अवहेलना है।
शासन संविधान के अनुसार चलता है, किसी पंथ सम्प्रदाय के इष्ट के संदेश निर्देश के अनुसार नहीं।संविधान के संरक्षण व संविधान के अनुरूप निर्णय करने की शपथ लेने वाले माननीय सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश चन्द्रचूड़ जी द्वारा संविधान में अविश्वास व्यक्त करना स्पष्ट तौर पर राष्ट्रद्रोह है।
देश के आम नागरिकों के साथ मानवतावादी विश्व सेवा परिषद संस्थान राजस्थान प्रदेश, मुख्य न्यायाधीश चन्द्रचूड़ जी के व्यक्तव्य की कटु निन्दा करते हैं।
साथ ही महामहिम राष्ट्रपति महोदय से निवेदन करते हैं कि चन्द्रचूड़ जी को मुख्य न्यायाधीश पद से तत्काल बर्खास्त करें।
स्वतंत्र चिन्तक –
पूरण मल गोठवाल झाड़ली
प्रदेश संयोजक
मानवतावादी विश्व सेवा परिषद संस्थान
राजस्थान प्रदेश

