Thursday, February 26, 2026
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मिलावट खोरों पर त्यौहारी सीजन के अलावा पूरे साल भर चलना चाहिए अभियान —-इस क्षेत्र मे प्रहलाद राय शर्मा जैसे कई मिलावट खोर सक्रिय है।

मूकनायक/ राजस्थान/ भीलवाड़ा/सुरेश चंद्र मेघवंशी

भीलवाड़ा -होली दीपावली के त्यौहार आते ही खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी मिलावट खोरो पर नकल कसने का कार्य करते हैं, लेकिन खाद्य विभाग की यह कार्रवाई केवल ऊंट के मुंह में जीरा साबित होती है . भीलवाड़ा जिले में दूध से लगाकर मावा मिठाई सहित कई खाद्य सामग्री में 80% से अधिक मिलावट कर आम आदमी के जीवन को भारी संकट में डाल रहे है. क्योंकि मिलावट के खिलाफ कानून में ऐसा कठोर प्रावधान नहीं है, एक मिलावट खोर को सजा दिलाने के लिए 10 से 12 साल लग जाते हैं और उनका जुर्माना मात्र हजार 2000 के आसपास ही लगता है. जिसके चलते मिलावट खोरो के हौसले हमेशा बुलंद होते हैं. खाद्य सामग्री में मिलावट के चलते कैंसर किडनी रोग सहित कहीं गंभीर बीमारियां होती हैं. मोटी कमाई के लालच में भीलवाड़ा जिले में मिलावट खोर खूब सक्रिय है, कहीं मिलावट खोरो कि राजनीति पहुंच के चलते कभी भी उन पर कार्यवाही नहीं होती है. कई सालों से मांडल क्षेत्र के आलमास ग्राम पंचायत के हिसनिया निवासी प्रहलाद राय शर्मा कई सालों से मिलावटी मावा बनाकर बेच रहा है, नकली दूध बनाए गए इस मिलावटी मावे में पॉम आयल डालकर रोजाना हजारो रुपए मुनाफे के चक्कर में आम आदमी के जीवन को संकट में डाल रहा है, प्रहलाद राय शर्मा की राजनीतिक पहुंच के चलते मावे की फैक्टरी में कभी भी कार्रवाई नहीं हो पाई, लेकिन आज खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी एवं भीलवाड़ा के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने छापा डाला तो अधिकारी भी अचंभित रह गए, क्योंकि वहां पर बने टैंक में पॉम ऑयल को छुपा कर रखा था एवं नकली दूध से मावा बनाया जा रहा था, खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने 1000 किलो से अधिक मावे को नष्ट करवाया . इस सेक्टर में प्रहलाद राय शर्मा जैसे कहीं और मिलावट खोर है, लेकिन उनके ऊपर विभाग की अभी तक कारवाई नहीं हो पाई..

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