ललितपुर/महरौनी (सुरेंद्र कुमार)
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महरौनी में तैनात अनीता सेन ने विषाक्त पदार्थ का किया सेवन, विषाक्त पदार्थ का सेवन करने के बाद हालत बिगड़ने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र महरौनी में प्राथमिक उपचार कराया गया, जहां पर हालत गंभीर होने पर ज़िला चिकित्सालय रिफर किया गया,
झांसी किया रेफर
जिला अस्पताल मैं भी हालत में सुधार न होने पर झांसी रिफर कर दिया गया, अनीता सेन के पति ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महरौनी प्रभारी पर प्रताड़ित करने के लगाए आरोप साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महरौनी का स्टाफ भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी पर परेशान करने के आरोप खुलकर लगाते हुए सिद्धार्थ जैन के विरोध में दिखाई दिए,
अनीता सेन स्टाफ नर्स के पति ने कहा कि प्रभारी से प्रताड़ित होकर अनीता सेन को एक बार दिल का दौरा भी पड़ चुका है।वहीं सिद्धार्थ जैन ने प्रताड़ित करने के आरोपों को सिरे से नकार दिया और कहा कि सभी स्टाफ कि ड्यूटी लगाए जाने से गुस्सा हुई अनीता सेन हमसे ड्यूटी बदलवाने हेतु आईं थीं जिसे हमने मना कर दिया और इसके उपरांत वह चलीं गईं थी इसके आगे और कुछ नहीं हुआ, जो आरोप हम पर लगाए जा रहे हैं वह सारे के सारे निराधार हैं।
अधीक्षक को hataya
आरोपों के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महरौनी अधीक्षक पद से सिद्धार्थ जैन को हटा दिया। जिसके बाद अस्पताल कर्मी खुश हुए।
सूत्रों का कहना हैं कि बीते काफी समय से सिद्धार्थ जैन को अधीक्षक के पद से हटाने की मांग स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा की जा रही थी। जिसको लेकर निरंतर नए नए हथकंडे अपनाए जा रहे थे। नर्स के बारे मैं सूत्रों ने एक पक्ष यह भी रखा कि प्रसव वार्ड मैं नारे की अच्छी कमाई होती हैं लेकिन अधीक्षक ने नर्स को प्रसव वार्ड से हटा दिया गया था जिसके कारण अधीक्षक और नर्स मैं कहा सुनी हो गई जिसके बाद नर्स ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया।
नहीं मिलती मरीजों को दवाई, प्राइवेट मेडिकलों पर नजर आती हैं सरकारी दवाइयां
मरीजों का कहना रहता हैं कि सरकारी अस्पताल मैं मरीजों को दवाइयां नहीं मिलती शासन से भेजे जाने वाली दवाइयों को अधीक्षक की मिली भगत से प्राइवेट मेडिकल वाले को दवाई ब्लैक मैं बेंच दी जाती है। जिसके बाद मेडिकल मालिक दवाओं को महंगे दामों मैं बेचते नजर आते हैं।
कंपनियों के अनुसार लिखते हैं डॉ दवा
सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों के कक्षों के कैमरे की फोटोज अगर सार्वजनिक की जाए तो चेक किए जाए तो बहुत बड़ा स्कैम सामने निकल कर आएगा और डॉक्टरों द्वारा लिखी जाने वाली दवाओं पर मेडिकल मालिकों से कमीशन सामने निकलकर आएगा।

