Thursday, February 26, 2026
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महाराष्ट्र राज्य में मनुवादी विचारों की सरकार: डॉ नितिन राऊत

मूकनायक

ओमप्रकाश वर्मा

महाराष्ट्र

न्यायमूर्ति बी. जी कोळसे पाटिल की उपस्थिति में मनुस्मृति का सामूहिक दाह संस्कार; राज्य सरकार को लिया आडेहातनागपूर दि. २५ सितंबर २०२४छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर इनके नाम पर वोट मांगने वाली और स्कूली बच्चों की किताबों से ही शिवाजी महाराज और डॉ. बाबासाहब अंबेडकर को हद्दपार करने की साजिश बीजेपी के नेतृत्ववाली राज्य की शिंदे सरकार ने रची है, ऐसा आरोप राज्य के पूर्व मंत्री एवं उत्तर नागपुर के विधायक डॉ. नितिन राऊत द्वारा किया। राज्य में मानवतावादी विचारों की असंवैधानिक सरकार है और उन्हें बाहर करने का समय आ गया है। कामठी रोड स्थित बाबासाहब अंबेडकर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर के सामने बाबासाहब अंबेडकर के पुतले के सामने मनुस्मृति जलाते समय बोल रहे थे।कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लगातार बीजेपी नेताओं से जान से मारने की धमकी मिल रही है। आरएसएस ने जातिगत जनगणना का खुलकर विरोध किया है। बीजेपी और आरएसएस को जातीय जनगणना नहीं चाहते। इस दौरान डॉ. राऊत ने कहा कि वे दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों को उनका हक नहीं देना चाहते।राज्य में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सबसे ज्यादा बलात्कार के मामले मुंबई में दर्ज किए गए हैं, उसके बाद मुख्यमंत्री का शहर ठाणे है। महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था के तीन तेरा बज चुके हैं। इस समय डॉ. राऊत ने आरोप लगाते हुए कहा कि, मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रहे हैं। इस समय न्यायमूर्ति बी. जी. कोळसे पाटिल और डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर सोशल फोरम के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश लाडे मुख्य रूप से उपस्थित थे।राज्य में भाजपा के नेतृत्ववाली सरकार राज्य में मानवतावाद और रंगभेद के पुराने सड़े-गले विचारों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही ऐसा आरोप लगाते हुए उन्होंने मनुस्मृति की होली जलाई। मनु ने मनुस्मृति में चतुर्वर्ण की वकालत की थी। मनु ने चतुर्वर्णों की पवित्रता बनाये रखने की शिक्षा दी थी। इससे ही जाति व्यवस्था को बढ़ावा मिला है, मनु ने जातिव्यवस्था के बीज बोए हैं। हालाँकि, राज्य के शासक महाराष्ट्र में मनु के राज्य और चातुर्वण्य व्यवस्था को फिर से स्थापित करना चाहते हैं, ऐसा डॉ. राऊत ने कहा है।इस अवसर पर गोपाल राजवाड़े, राहुल घरड़े, रूपराज गौरी, विजया हजारे, कुणाल खोब्रागड़े, सचिन वासनिक, दीपा गावंडे, कल्पना द्रोणकर, संदीप सिंह, स्वप्निल, राहुल शेंडे, संतोष खडसे, अभिजीत सांगोळे, निशिगंधा वाघमारे, चेतन तरारे सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।

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