Thursday, February 26, 2026
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बयाना में उच्चतम न्यायालय के फैसले के विरोध में एससी, एसटी संगठनों का बंद पूर्णतया सफल

ओमप्रकाश वर्मा बयाना /भरतपुर

माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति में उपवर्गीकरण एवम क्रीमीलेयर के फैसले के विरोध में 21 अगस्त 2024 को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जाति के विभिन्न संगठनों ने भारत बंद के आह्वान के तहत बयाना के जाटव समाज के अध्यक्ष दान सिंह जाटव, महामंत्री किशनचंद वर्मा, डॉ करण सिंह मीणा, पुष्पेंद्र टाइगर, एडवोकेट बृजेश कुमार जाटव सहित बयाना तहसील के सैकड़ो गांवों से लगभग पचास हजार से ज्यादा लोग हाथों में भारत रत्न संविधान रचयिता बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर और जननायक उलगुलुन का नारा बुलंद करने वाले बिरसा मुंडा के बैनर ,पोस्टर, झंडीयां लेकर गांधी चौक स्थित अंबेडकर पार्क से विशाल जुलूस के साथ लगभग 3 किलोमीटर लंबा काफिला में मैन मार्केट से महादेव गली , पुरानी सब्जी मंडी, शीतला माता मंदिर, नई सब्जी मंडी, अनाज मंडी, सुभाष चौक ,बंजरिया चौक, बस स्टैंड, पंचायत समिति, मीराना चौराहा से होती हुई उपखंड कार्यालय पहुंची इसके पश्चात् अनुसूचित जाति-जनजाति के विभिन्न संगठनों ने बयाना के उपखंड अधिकारी राजीव शर्मा को ज्ञापन सोपा गया। जिसमे मुख्यतः अनुसूचित जाति-जनजाति के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति आरक्षण अधिनियम पारित करने उच्चतम व उच्च न्यायालय की सेवा नियमों में संशोधन करते हुए भारतीय न्यायिक सेवा का गठन करके आरक्षण लागू करने, लैटरल एंट्री समाप्त कर उच्च सेवाओं में भर्ती संघ लोक सेवा आयोग के माध्यम से करवाने, राष्ट्रीय/राज्य स्तर पर जनसंख्या में बढ़ोतरी के अनुपात में इन वर्गों की आरक्षण की सीमा बढ़ाई जाने, आरक्षण की व्यवस्था पूना पैक्ट के अनुक्रम में संविधान में दी गई है जिसकी मूल भावना पिछडापन के साथ-साथ छुआछूत है | आरक्षण का प्रावधान करने के बावजूद भी इन वर्गों के साथ पूर्ववत व्यवहार किया जा रहा है, इसलिए क्रीमी लेयर लागू नहीं की जाने, अनुसूचित जाति, जनजाति में उप वर्गीकरण इन वर्गों की एकजुटता को तोड़ने का असंवैधानिक निर्णय है जिसे अध्यादेश लाकर रद्द करने तथा भारत सरकार द्वारा उच्चतम न्यायालय में इस निर्णय के विरुद्ध रिव्यू/क्यूरेटिव पिटीशन लगाई जाने के सम्बन्ध में ज्ञापन दिया गया है | एवं आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में डाला जाए।
भारत बंद के दौरान सभी बाजारों को बंद रखने और राजस्थान परिवहन निगम, प्राइवेट बसों को पूरी तरह संचालन बंद रखने के लिए समस्त व्यापारिक संगठनों,कर्मचारी संगठनों, सामाजिक संगठनों, पुलिस प्रशासन एवं शहरी क्षेत्र के लोगों और ग्रामीणों ने अपना भरपूर में सहयोग दिया जिसके लिए जाटव महासभा और अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति के विभिन्न संगठनों द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया|

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