Thursday, February 26, 2026
Homeउत्तर प्रदेशराज्य मंत्री के राज्य में बूंद बूंद को तरसते ग्रामीण.

राज्य मंत्री के राज्य में बूंद बूंद को तरसते ग्रामीण.


ललितपुर/पाली। यह लम्बी लम्बी लाइनें, अपनी बारी का इंतजार करते लोग, बूंद बूंद पानी को तरसते कहीं ग्रामीण तो कहीं बर्बाद करते लोग, क्या बच्चे क्या जवान के बूढ़े सभी के हाथों में आपको बर्तन दिखाई देंगे साइकिलों पर 8 से 10 बर्तन बंद करके कुए तक आते हैं और कुएं से अपनी खींचकर उन्हें भरते हैं और उसके बाद घर ले जाते हैं। आप देख सकते हैं कि किस प्रकार से बच्ची जो है साइकिल पड़े हुए हैं साथ ही उसके साथी पानी भर रहे हैं इसी प्रकार से कई लोग साइकिल पकड़े हैं और कई लोग अपनी यहां पर भरते हुए स्पष्ट नजर आ रहे हैं।
यह मंजर ललितपुर जनपद की पाली तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम काकोरिया का हैं। जहां पानी की ऐसी किल्लत है की दूसरे गांव से कुएं में पानी डलवाया जाता हैं, उसके बाद घंटों लाइन लगाकर रस्सों से पानी खींचना पड़ता हैं। गांव के सभी नाल कुएं तालाब सूख गए हैं कहीं भी पानी का नामोनिशान नहीं बचा है, ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान के द्वारा कोई भी व्यवस्था नहीं की जा रही है साथ ही नहीं प्रशासन के द्वारा कोई व्यवस्था की जा रही है जैसे ही गर्मी का समय आता है इसी प्रकार से हर वर्ष हम लोगों को पाने की किल्लत का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव की उच्च जाति के लोगों के लिए ग्राम प्रधान के द्वारा टैंकर मुहैया करा दिए जाते हैं लेकिन हम छोटी जाति के लोगों के लिए पानी की कोई सुविधा नहीं कराई जाती है हम लोग दूसरे गांव से पानी लेते हैं। अब आखिर कार्य प्रश्न उठता है कि सरकार जो वादे करती है कि हमने हर गांव तक जल पहुंचा दिया है आखिर यहां किया तस्वीर देखकर के हकीकत सामने निकल कर के आती है। और सरकार जो वादे करतीं है। वह वादे यहां पर हवा हवाई होते हुए नजर आते हैं। आप जब गांव में जाकर के देखेंगे तो लोगों की आपसे आज जुड़ जाती है हमने जब इस गांव को जाना उसे गांव की हकीकत को टटोला तो हमारे भी रोंगटे खड़े हो गए। इतने बड़े गांव में पानी की इतनी बड़ी भीषण समस्या होने के बावजूद भी जन प्रतिनिधि आराम से चैन की नींद सो रहे हैं किसी को किसी से कोई लेना-देना नहीं है किसी भी समस्या में अपने आप को रखना नहीं चाहते। हम आपको बता दें कि ललितपुर जनपद की महरौनी विधानसभा के विधायक उत्तर प्रदेश सरकार में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री भी हैं उसके बावजूद इन गांव में पानी की किल्लत देखकर के सोचने पर मजबूर तस्वीर कर देती हैं कि आखिरकार मंत्री जी किस प्रकार का राज अपना चला रहे हैं मंत्री जी को कितनी जनता की फिक्र है।
ग्रामीणों ने बताया कि अगर दो-दो दिन लाइट नहीं आए तो कुएं में पानी नहीं आ पाता है और ऐसे में पानी की और समस्या हो जाती है फिर हम लोग को दूसरे गांव से पानी लाना पड़ता है तब जाकर कि हमारे घरों में चूल्हा जलता है और हमारे गले की प्यास बुझती है। आखिरकार आज के समय में भी इस प्रकार से पानी की किल्लत और बूंद बूंद को मोहताज होते लोगों को देखने से अनुमान लगता है कि आज भी कई ऐसे गांव होंगे जहां तक पानी पीने तक का नहीं पहुंच पाया है। ललितपुर जिले के अधिकारियों को इस मामले पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए और इन ग्रामीणों को पीने के पानी की व्यवस्था करनी चाहिए।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments