मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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इंसान अक्सर अपने असफलताओं का दोष अपनी हाथों की लकीरों या खराब भाग्य को दे देता है, लेकिन सत्य यही है कि हमारा भविष्य किसी अदृश्य भाग्य का मोहताज नहीं होता। हमारा आने वाला कल पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि हम अपने आज में, यानी वर्तमान में, क्या और कैसे फैसले लेते हैं। कड़े फैसले लेने के लिए आत्म-विश्वास, धैर्य और जोखिम उठाने की क्षमता की आवश्यकता होती है। जब हम आराम के क्षेत्र से बाहर निकलकर कठिन निर्णय लेते हैं, तो भले ही शुरुआत में संघर्ष करना पड़े, लेकिन वही निर्णय आगे चलकर हमारे भविष्य का निर्माण करता है।
उदाहरण के लिए, एक महान खिलाड़ी, वैज्ञानिक या उद्यमी कभी भाग्य के भरोसे नहीं बैठता, बल्कि वह अपने कठिन परिश्रम और सही समय पर लिए गए साहसिक निर्णयों से अपना रास्ता खुद बनाता है। संक्षेप में कहें तो, हाथ की लकीरें भाग्य नहीं लिखतीं, बल्कि हमारे कर्म और कड़े फैसले उन लकीरों को नया मोड़ देते हैं। अगर हम आज सही और साहसिक निर्णय लेने का साहस दिखाते हैं, तो कल का भविष्य भी उतना ही मजबूत और स्वर्णिम होगा।
बिरदी चंद गोठवाल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

