Thursday, February 26, 2026
Homeउत्तर प्रदेशमुंशी प्रेमचंद की जयंती के शुभ अवसर पर " राजेश कुमार बौद्ध...

मुंशी प्रेमचंद की जयंती के शुभ अवसर पर ” राजेश कुमार बौद्ध ” की चर्चित कविताएं.

” प्रेमचंद ”

प्रेमचंद की कलम में
भेदभाव क्यों ?
गांधी का नमक आन्दोलन
दिखाई दिया
तो डॉ अम्बेडकर का
महाड़ जल आन्दोलन
क्यों नहीं ?
गांधी का आन्दोलन
आन्दोलन था,
तो अम्बेडकर का आन्दोलन
क्या था ?
अम्बेडकर द्धारा चलाया गया
काला राम मंदिर प्रवेश
क्यों नहीं दिखाई दिया
प्रेमचंद की कलम में भेदभाव क्यों?
ऐसा इसलिए था
अम्बेडकर गांधी के विचारधारा
के खिलाफ थे।
गांधी दलितों के
अधिकारों के खिलाफ थे
और तो और
गांधी हिन्दू संस्कृति के रक्षक
के साथ ही साथ
राम राज्य के समर्थक थे।
जो दलितों के लिए
राम राज्य की कल्पना ठीक नहीं,
प्रेमचंद गांधी और पंत के
विचारों के समर्थक थे
तो वही प्रेमचंद
अम्बेडकर और बुद्ध के
विचारों के विरोधी थे।………

” गांधी के भक्त ”

प्रेमचंद, निराला और द्विवेदी
ये तीनों मनु की सन्तान हैं।
मिशन इनका एक है।
पर
रास्ते अलग- अलग है।
ये वर्ण के पुजारी
और जाति के पुजारी हैं।
ये ही तीनों असली
गांधी के उत्तराधिकारी हैं।
दलितो पर लिखना
इनका मात्र पेशा था।
दम नहीं वर्ण व्यवस्था के
विरोध में लिखे या बोले
क्योंकि ये तीनों
हिन्दू संस्कृति के रक्षक
और गांघी जी के भक्त हैं।
क्यों,
गांधी के हरिजन सुधार आंदोलन से
हरिजनों का कितना सुधार हुआ।
प्रेमचंद, निराला और द्विवेदी के
साहित्य से दलितों में
कितनी चेतना आयी हैं
कितना दलित आंदोलन हुआ
कितने दलितों ने जमींदारों से मुक्ति पाई हैं।
यदि फुले,अम्बेडकर न होते
तो दलितों का उध्दार न होता
न इनको आजादी मिलती
न इनको अधिकार मिलता
इसलिए मैं कहता हूँ,
कि गांघी के भक्तों के
साहित्य से दलितों का
कल्याण नहीं होगा। •••••

” क्योंकि मैं ••••••

मैं सिर्फ मानव हूँ
इसलिए मैं
मानवता की बात करता हूँ।
मैं सत्य को मानता हूँ
इसलिए सत्य को
ध्यान में रखकर लिखता हूँ।
इसीलिए तो पत्र/पत्रिका वाले
मेरे लेख/ कविता को नहीं छापते हैं।
क्योंकि मैं राष्ट्रीय कवि नहीं हूँ
फिर भी
मैं सूर, तुलसी नहीं हूँ।
जो झूठी शान और लालच में,
घटिया शब्दों का इस्तेमाल करके लिखूं
सिर्फ अपने स्वार्थ में,
अंधविश्वास में,
और
प्रेम रस लीला की अमर गाथा
फिर भी
मैं चटर्जी, सुभद्रा, टैगोर नहीं हूँ।
जो विदेशियों को खुश करने
के लिए लिखूं राष्ट्रगीत ,
और अंग्रेजों से समझौता करके जो भागे
उनकी झूठी वीर गाथा लिखकर
राष्ट्रकवि कहलाऊॅ। ••••

सम्पर्क : –
राजेश कुमार बौद्ध
(उत्तर प्रदेश ) मोबाइल नंबर- 919616129934,
Email- prabuddhvimarshgkp@gmail.com
###############################

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments