Thursday, June 11, 2026
HomeUncategorizedजिला शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्यों की बैठक लेकर दिए सख्त निर्देश

जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्यों की बैठक लेकर दिए सख्त निर्देश

शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडाने | बालाघाट

नए शैक्षणिक सत्र की तैयारियों को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी अश्विनी उपाध्याय ने मंगलवार को जिले के सभी शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक लेकर विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित सभी कार्य समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, अन्यथा संबंधित अधिकारियों एवं प्राचार्यों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में विद्यार्थियों के नामांकन, APAAR आईडी निर्माण, पाठ्यपुस्तक वितरण, निःशुल्क साइकिल वितरण, छात्रवृत्ति भुगतान, विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) गठन, कर्मचारियों की ई-सेवा पुस्तिका सत्यापन तथा ई-अटेंडेंस व्यवस्था की समीक्षा की गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिए कि नए सत्र के प्रारंभ होते ही सभी पात्र विद्यार्थियों का नामांकन सुनिश्चित किया जाए तथा कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया।

उन्होंने पाठ्यपुस्तकों के समय पर वितरण एवं उसकी जानकारी पोर्टल पर दर्ज करने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। साथ ही APAAR आईडी निर्माण एवं छात्रवृत्ति से संबंधित लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।

बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विद्यालयों में जल संरक्षण संबंधी गतिविधियों के आयोजन, विद्यार्थियों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने तथा वर्षा जल संचयन एवं स्वच्छता कार्यक्रम संचालित करने पर भी चर्चा की गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि विद्यालय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़कर प्रभावी अभियान चलाया जाए।

विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून के अवसर पर सभी विद्यालयों में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं अभिभावकों की सहभागिता से अधिक से अधिक पौधे लगाए जाएं तथा उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जाए।

इसके अलावा आगामी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।

ई-अटेंडेंस व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति दर्ज करने तथा ई-सेवा पुस्तिकाओं के सत्यापन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक के अंत में जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि शासन की सभी योजनाओं एवं निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन विद्यालय प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन विद्यालयों में कार्यों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही पाई जाएगी, वहां संबंधित अधिकारियों एवं प्राचार्यों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्वक एवं समयबद्ध ढंग से पूरा करने का आह्वान किया।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments