


मूकनायक/गौतम बालबोंदरे
बिरसा (बालाघाट)। बालाघाट जिला बौद्ध संघ (पंजीयन क्रमांक-3958) के निर्देशानुसार एवं जिला आचार संहिता के तहत तहसील शाखा बिरसा के पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों का निर्वाचन लोकतांत्रिक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। चुनाव अधिकारी एस.आर. उके एवं मनोहर बंसोड के मार्गदर्शन तथा तहसील प्रभारी सुरेश बौद्ध एवं संगीता उके की देखरेख में आयोजित इस निर्वाचन प्रक्रिया में समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में सामाजिक बंधुओं की उपस्थिति रही।
निर्वाचन के दौरान सर्वसम्मति से जी.एल. कामडे को तहसील शाखा बिरसा का अध्यक्ष चुना गया। वहीं राम मेश्राम को महासचिव तथा बाबूलाल वैद्य को कोषाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। निर्वाचन संपन्न होने के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत किया गया तथा समाज हित में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया गया।

नई कार्यकारिणी को मिली जिम्मेदारी
नवनियुक्त कार्यकारिणी में देवेन्द्र कुमार खोबरागड़े को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, देवेश्वर कामडे को कनिष्ठ उपाध्यक्ष, राम मेश्राम को महासचिव, संगीता कामडे को वरिष्ठ सहसचिव, सरवन कुमार मेश्राम को कनिष्ठ सहसचिव तथा बाबूलाल वैद्य को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। संगठन की विधिक गतिविधियों के लिए इंदुबाला बारमाटे एवं संगीता वैद्य को विधिक सलाहकार बनाया गया है, जबकि दत्तराज वैद्य एवं गोपीचंद बंसोड को मीडिया एवं प्रचार-प्रसार प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
संगठन विस्तार के लिए सर्कल स्तर पर नियुक्तियां
बौद्ध संघ की गतिविधियों को गांव-गांव तक पहुंचाने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के उद्देश्य से विभिन्न सर्कलों में प्रभारियों की नियुक्ति की गई। लोरा सर्कल के लिए दत्तराज यैगारे एवं भोजराज बंसोड, पल्हेरा सर्कल के लिए भीमराव वैद्य, रविन्द्र बंसोड एवं चमरू पटले, बिरसा सर्कल के लिए कपिल मेश्राम एवं सुरेन्द्र बंसोड, दमोह सर्कल के लिए सुमरन खोबरागड़े एवं ममता भौतेकर तथा कचनारी सर्कल के लिए पार्थ बोरकर एवं अशोक मेश्राम को दायित्व सौंपा गया।
कार्यकारिणी में समाज के विभिन्न क्षेत्रों को मिला प्रतिनिधित्व
कार्यकारिणी सदस्यों के रूप में मनाया सूर्यवंशी (दरबारीटोला), युवराज बारमाटे (भीमजोरी), थानेश्वर कामडे, कांशीराम कामडे, रेखा कामडे (बिठली), धनीराम बोरकर (मजगांव), गिरधर मेश्राम (अचानकपुर), तुलसीराम डाहटे (पीपरटोला), भोजराज बंसोड (लोरा), सुमरन खोबरागड़े, ममता भौतेकर (दमोह), सुजाता बौद्ध (भीमजोरी), नरेन्द्र यैगारे (जगला), बुद्धन बंसोड एवं कृष्ण कुमार रावतकर (कोपेभाटा) को मनोनीत किया गया। इससे संगठन में विभिन्न ग्रामों एवं क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हुआ है।
सामाजिक एकता, संगठन और धम्म संस्कारों पर दिया गया विशेष बल
निर्वाचन अधिकारी मनोहर बंसोड ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संगठन की मजबूती समाज की एकता और सक्रियता पर निर्भर करती है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से बौद्ध संघ की आचार संहिता का पालन करते हुए समाज हित में समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर इंदुबाला बारमाटे एवं सुरेश बौद्ध ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि समाज में शिक्षा, संगठन और जागरूकता के माध्यम से ही प्रगति का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है। वक्ताओं ने धम्म संस्कारों को जीवन में अपनाने तथा सामाजिक समरसता को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।
दिवंगत समाजसेवियों को दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष एस.आर. उके ने सभी उपस्थित सामाजिक बंधुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बिरसा तहसील में बौद्ध संघ की स्थापना, विस्तार एवं सशक्तिकरण में योगदान देने वाले दिवंगत कार्यकर्ताओं का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने डोडेलाल रामटेके (दमोह), परसूदास गेडाम (कचनारी), बलवंतदास मेश्राम (अचानकपुर), पूनाराम बोरकर (मंजगांव), मोहपत पंचभाया, मूलचंद पंचभाया (भीमजोरी), समरत मेश्राम (झामुल), बैगादास अहिगारे (लोरा), शीतल रावतकर (भीमा गुदमा) एवं हीरालाल कामडे (गोरखपुर-बिरसा) के योगदान को याद करते हुए कहा कि इन समाजसेवियों के त्याग, संघर्ष और समर्पण ने संगठन को मजबूत आधार प्रदान किया है।
एस.आर. उके ने उपस्थित समाजजनों से आह्वान किया कि वे दिवंगत साथियों के आदर्शों और पदचिह्नों पर चलते हुए संगठन को और अधिक सशक्त, सक्रिय एवं जनहितैषी बनाने के लिए कार्य करें। कार्यक्रम का समापन समाज की एकता, संगठनात्मक मजबूती और धम्म के प्रचार-प्रसार के संकल्प के साथ हुआ।

