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“न्याय दो या प्राण लो” पदयात्रा: भीम आर्मी ने दंतेश्वरी माता की पुजारिन की जमीन वापसी को लेकर खोला मोर्चा
मूकनायक
कमलेश लवहात्रै
बस्तर/रायपुर।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन, छत्तीसगढ़ ने बस्तर की आदिवासी महिला एवं मां दंतेश्वरी की पुजारिन लखमनी बघेल को न्याय दिलाने के लिए बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। संगठन ने “न्याय दो या प्राण लो” पदयात्रा अभियान के तहत बस्तर से रायपुर तक पैदल मार्च करने की घोषणा की है।
भीम आर्मी के अनुसार, बस्तर जिले के भैरव बाबा वार्ड निवासी लखमनी बघेल की लगभग 100 एकड़ से अधिक पैतृक भूमि वर्षों से विवादों में फंसी हुई है। आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही और प्रभावशाली लोगों के संरक्षण के चलते उनकी जमीन के बड़े हिस्से को नजूल घोषित कर बाहरी लोगों द्वारा कब्जा कर लिया गया। पीड़ित परिवार लगातार तहसील और प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर काटता रहा, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
संगठन का कहना है कि न्याय मांगने पर महिला और उनके परिवार को धमकियां तक दी गईं। भीम आर्मी ने इसे आदिवासी अधिकारों, जल-जंगल-जमीन और बस्तर की आस्था पर हमला बताते हुए कहा कि यह केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं बल्कि पूरे आदिवासी समाज के सम्मान का प्रश्न है।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन के कार्यकर्ता लखमनी बघेल के साथ पैदल मार्च करते हुए रायपुर पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को ज्ञापन सौंपेंगे। संगठन ने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष सीमांकन, अवैध कब्जा हटाने, न्यायिक जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो पीड़ित महिला मुख्यमंत्री निवास के सामने शांतिपूर्ण धरने पर बैठने को मजबूर होंगी।
भीम आर्मी ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं आदिवासी अधिकारों की रक्षा की बात करते रहे हैं, ऐसे में अब सरकार को इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।

