

बैहर में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों व समाज के विभिन्न वर्गों की उत्साहपूर्ण सहभागिता
मूकनायक/ सत्यशील गोंडाने
बालाघाट
बैहर (बालाघाट)।भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा विकासखंड बैहर के शासकीय अरण्य भारती महाविद्यालय में एक दिवसीय भव्य व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों, प्रस्फुटन समितियों, नवांकुर संस्थाओं, स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम (सीएमसीएलडीपी) के छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में संविधान, सामाजिक न्याय, समानता और मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूकता का विस्तार करना रहा। व्याख्यानमाला के दौरान वक्ताओं ने बाबा साहब के संघर्षपूर्ण जीवन, उनके विचारों और समाज सुधार में उनके ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब का जीवन कठिनाइयों से भरा रहा, लेकिन उन्होंने हर चुनौती का सामना करते हुए समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष किया। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम बताते हुए युवाओं से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ आर.डी. देशभरतार ने कहा कि युवाओं को बाबा साहब के विचारों को केवल पढ़ने तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने संविधान को देश के प्रत्येक नागरिक के अधिकारों और कर्तव्यों का आधार बताते हुए उसके महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर ब्लॉक समन्वयक महेश पटले, जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष राजीव गोपाल परते, परामर्शदाता शिवनाथ यादव, सुरेश यादव, भंवर सिंह मेरावी, आकांक्षा तेकाम, संगीता उइके सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में एमएसडब्ल्यू एवं बीएसडब्ल्यू के छात्र-छात्राओं—संदीप गजभिये, अभय यादव, विमल भावे, ज्योति कुर्वेती, मोनिका ठाकरे, अमित बिसेन, अंकित पटले, अविका यादव, अर्पिता यादव, शिवानी शिवहरे, सुमित्रा पटावी और पीहू हरिद्वार सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
पूरे आयोजन के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने वक्ताओं के विचारों को गंभीरता से सुना और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में अपनी भूमिका को समझने का संकल्प लिया।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसमें सभी उपस्थितजनों ने समानता, न्याय और बंधुत्व के मूल्यों को अपनाते हुए एक सशक्त एवं समरस भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।

