


भव्य रैली, कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह के साथ मनाई गई डॉ. अंबेडकर की 135वीं जयंती



कटंगी (बालाघाट)।विश्व रत्न एवं आधुनिक भारत के शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर कटंगी विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत समतपुरी स्थित धम्मदीप बुद्ध विहार परिसर में भव्य एवं गरिमामयी आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और वैचारिक क्रांति का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसे 14 अप्रैल से 30 अप्रैल तक मनाया जा रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रांतीय क्षेत्रीय सचिव एस.आर. उके ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय मंच के प्रसिद्ध कवि शैलेश ‘शैल’ उपस्थित रहे।
रैली और वंदना से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम भ्रमण रैली से हुआ, जिसमें डीजे की धुन और जय भीम के गगनभेदी नारों से पूरा समतपुरी गुंजायमान हो उठा। रैली के पश्चात गौतम बुद्ध एवं बाबा साहब की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर पूजा-अर्चना की गई। महिलाओं ने गीतों के माध्यम से बाबा साहब के संघर्षमय जीवन को भावपूर्ण स्वर में प्रस्तुत किया।


धम्मदान और शिक्षा का संदेश
विशिष्ट अतिथि आयुष्मति संगीता एस.आर. उके ने अपने माता-पिता की स्मृति में बुद्ध विहार को एक बड़ी आलमारी भेंट करते हुए ग्रामीणों से बाबा साहब के मूलमंत्र—“शिक्षित बनो, संगठित हो और संघर्ष करो”—को अपनाने का आह्वान किया।
प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में क्षेत्र का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं मेघा गढ़पाल (पुलिस विभाग) और दुर्गेश शरणागत (बीएसएफ) को शील्ड देकर सम्मानित किया गया। साथ ही शैलेश ‘शैल’ ने वाचनालय के लिए 50 पुस्तकें देने की घोषणा की, जबकि एस.आर. उके ने टेबल-कुर्सी उपलब्ध कराने का संकल्प लिया।
कवि सम्मेलन ने भरा जोश
कवि सम्मेलन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा, जिसमें गोविंदा गावठी, शैलेश शैल, लता शबनम, मनोज रामटेके एवं अंतू झकाक ने अपनी ओजपूर्ण कविताओं के माध्यम से बाबा साहब के संघर्ष, विचार और सामाजिक संदेश को जीवंत कर दिया।
गरिमामयी उपस्थिति और सफल आयोजन
कार्यक्रम में ऑल इंडिया समता सैनिक दल ग्रामीण शाखा के अध्यक्ष अनिल खोबरागड़े, प्रधानाध्यापक नंदकिशोर गेडाम एवं मंच संचालक गोवर्धन वर्सेकर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. रामकिशोर गेडाम, श्याम किशोर, रेवा नंद गढ़पाल, रुस्तम डोंगरे तथा महिला उपासिकाओं—सुनीता गढ़पाल, ऊषा वर्सेकर एवं वंदना गेडाम का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम का समापन गाथा वाचन एवं सामूहिक भोजन वितरण के साथ हुआ। समतपुरी में आयोजित यह भव्य समारोह सामाजिक एकता, समता और जागरूकता का सशक्त संदेश देकर गया।

