मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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अगर जीवन की राह में कभी ऐसे प्रतिकूल क्षणों का आगमन हो जाए तो अपने विवेक को सम्भाल कर रखना और आत्मविश्वास की डोर कभी कमजोर मत होने देना क्योंकि संकट और समस्या के भंवर जाल में विवेक और विश्वास ही सुरक्षा कवच का काम करते हैं । विवेक का अर्थ है, होश हवास में रहना, अपनी चेतन्यता को बनाए रखना, मस्तिष्क को शांत रखना और अपने संयम व नियंत्रण को संजोए रखना है ।
दृढ़ संकल्प के साथ विश्वास के प्रभाव से संकट का बुरे से बुरा समय भी अच्छे समय में आनंद में बदल जाता है । विवेक और विश्वास ऐसी मानवीय शक्ति हैं जिनके डगमगाने से मुसीबतें घटने की बजाय बढ़ती जाती हैं । मुसीबतें जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें झेलने की शक्ति हमारे भीतर है। यदि हम अपने विवेक को जागृत रखें और विश्वास को अडिग, तो बड़ी से बड़ी बाधा को पार किया जा सकता हैं। इसलिए संकट के समय में अन्य बातों को भूलकर अपने पुण्य व दैनिक चर्या के कार्यों में व्यस्त रहकर ध्यान लगाना ही हितकारी है ।
बिरदी चंद गोठवाल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

