Friday, April 17, 2026
Homeकरौलीराजनीतिक लोग समाज को कर रहे बर्बाद

राजनीतिक लोग समाज को कर रहे बर्बाद

भाइयो और बहनों , जरा सोचिए – हमारा समाज कितना खुशहाल हो गया है । समाज टूट रहा है राजनीति के कारण , समाज लड़ रहा है राजनीति के कारण , लोगों का अपमान हो रहा है राजनीति के कारण , गुट बनाए जा रहे हैं राजनीति के कारण , समाज बेचा जा रहा है राजनीति के कारण , समाज अपमानित हो रहा है राजनीति के कारण , लोग मारे जा रहे हैं राजनीति के कारण । राजनीति के कारण हमारे समाज में कितना विकास हो गया है , हर व्यक्ति राजनीतिक लोगों के साथ ऐसे विकास कार्यों में व्यस्त है । क्या ऐसे कार्यों से समाज में सुधार होगा ?
राजनीतिक लोग राजनीति के लिए घर परिवार को दाव पर लगा देते हैं , तो समाज तो बहुत दूर की बात है । मनुवादी राजनीति हमेशा समाज को तोड़ती है । अपने कुछ चंद लोग अपने चंद स्वार्थ की खातिर सड़ी गली मनुवादी व्यवस्था के हाथों समाज को बेचकर समाज के हाथ कटवा रहे हैं , जिससे समाज दर दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हो रहा है ।
ये सही है कि जो चंद लोग मनुवादी पार्टियों के गुलाम बनते हैं , उनको खूब फर्जी प्यार समाज को तोड़ने के लिए मिलता है । जब उनका मकसद पूरा हो जाता है , तो उनके पिछवाड़े पर लात मार दी जाती है । अकेले बीजेपी में लगभग 243 सांसद SC, ST और OBC के हैं , जोकि पूरी तरह बीजेपी के गुलाम बनकर बहुजन समाज को कुएं में धकेल रहे हैं , जो सांसद होकर समाज को आग की भट्टी में जला रहे हैं , तो आप सोचिए ये छुटभइये नेता समाज को कहां तक नीचे गिरा सकते हैं।
राजनीतिक लोग समाज सुधारक के नाम पर , पैसे के नाम पर , दबंगई के नाम पर , बुजुर्ग के नाम पर , कुछ दान दक्षिणा के नाम पर समाज में पद पा लेते हैं । चुनाव के समय मनुवादी पार्टियों को अपनी शक्ति दिखाते हैं कि देखिए साहब ! मै जिले के पूरे दलित समाज का अध्यक्ष हूं , मुझे टिकट मिलना चाहिए । इस पर ये राजनीतिक लोग टिकिट के लिए मनुवादी पार्टियों के सामने समाज का सौदा करते हैं । मनुवादी पार्टियों के साथ समाज के दस प्रतिशत लोग ऐसे राजनीतिक लोगों के बहकावे में आकर टूट जाते हैं और मनुवादी पार्टियों की बल्ले बल्ले हो जाती है । अपने समाज के लोग पांच वर्ष तक अत्याचारों की घटनाओं से कराहते रहते हैं और ऐसे मनुवादी नेताओं पर जूं भी नहीं रेंगती है ।
भाइयों और बहिनों यदि समाज का भला चाहते हो , समाज की उन्नति चाहते हो , समाज को एकता के सूत्र में पिरोना चाहते हो , समाज को अत्याचारों से छुटकारा दिलाना चाहते हो , तो समाज सुधार के नाम पर जितने भी राजनीतिक लोगों ने कब्जे किए हैं , उनको शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करवाओ और जो शपथ पत्र पर हस्ताक्षर नहीं करते हैं , उनको पद से हटाओ ।
पक्के घड़े ज्याद दिन के नहीं हैं , लेकिन युवाओं की जिंदगी लंबी है । इसलिए आपको अपनी जिंदगी खुशहाल बनानी है , तो दिखा दो अपनी शक्ति और राजनीतिक लोगों को पद से ठोकर मारकर हटा दो । युवा शक्ति इतनी मजबूत होती है कि उन्होंने नेपाल सरकार को ही पलट दिया । ये समाज के पद ही हैं , इनको आप क्षणभर में पलट सकते हैं ।
बुजुर्गों को कहो कि आप समाज के या तो संरक्षक बन सकते हैं या कोई भी राजनीति कर सकते , लेकिन समाज सुधार के किसी भी पद पर आप आसीन नही हो सकते हैं । युवाओं की मीटिंग बुलाओ और ऐसे मनुवादी गद्दारों को उखाड़ फेंको , जो मनुवाद के नाम पर समाज को तोड़ रहे हैं , मनुवाद के नाम पर बाबा साहेब का अपमान कर रहे हैं और समाज के लोगों को भ्रमित कर रहे हैं ।
जय भीम , नमो बुद्धाय ।
लेखक – सुमेध जग्रवाल – बीटेक , एम ए , एल एल बी , PDC – SHE
जिला अध्यक्ष
भारतीय बौद्ध महासभा , करौली

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments