Friday, April 17, 2026
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बिलासपुर में बौद्ध समाज की महिलाओं ने मनाया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, समानता और उत्साह का दिया संदेश

बिलासपुर में बौद्ध समाज की महिलाओं ने मनाया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, समानता और उत्साह का दिया संदेश

बिलासपुर (छत्तीसगढ़), —

बौद्ध समाज की महिलाओं ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को इस वर्ष विशेष उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत सुजाता वाहने द्वारा मान्यवर कांशीराम जी साहेब की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए की गई। इस अवसर पर उपस्थित सभी महिलाओं ने उनके विचारों और समाज के प्रति योगदान को याद कर अभिवादन किया।
कार्यक्रम में बहुजन समाज की महानायिकाओं के संघर्ष, त्याग और उनके अमूल्य योगदान को भी भावपूर्ण ढंग से याद किया गया। इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें सभी महिलाएं समान रूप से सहभागी रहीं—न कोई विशेष अतिथि और न ही कोई विशेष पद, सभी ने समानता का परिचय देते हुए एक-दूसरे को फूल देकर सम्मानित किया और अपना परिचय साझा किया।
बिलासपुर के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने मिलकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में गीत, संगीत और खेलों का भी आयोजन किया गया। पूजा लोकेश ऊके, श्वेता गेडाम, उज्ज्वला रंगारी और प्रकृति बौद्ध ने मधुर गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को भावपूर्ण बना दिया। वहीं गीता ऊके, भारती वर्मा, अनामिका पाटिल और उज्ज्वला रंगारी ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। गेम्स में प्रथम स्थान दुर्गेश ऊके, भारती वर्मा और श्वेता गेडाम ने प्राप्त किया, जबकि द्वितीय स्थान मीनाक्षी बोम्बाडे, रूपा डोंगरे और वर्षा मेश्राम को मिला। तृतीय स्थान पर सत्यभामा नंदा गौरी, नमिता अंबादे और संघमित्रा मेश्राम रहीं। कुशल गीत प्रस्तुति के लिए पूजा लोकेश ऊके और उज्ज्वला रंगारी को तथा उत्कृष्ट नृत्य के लिए भारती वर्मा और गीता ऊके को पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि महिलाएं समाज की प्रगति का आधार होती हैं। बौद्ध समाज की महिलाएं आज जागरूक और आत्मनिर्भर बन रही हैं, जो रूढ़िवादी परंपराओं को पीछे छोड़ते हुए विज्ञान और बुद्ध के धम्म पर विश्वास कर अपने परिवार और समाज को सशक्त बना रही हैं।
कार्यक्रम का संचालन सुजाता वाहने, सरोज हुमने और वंदना भांगे द्वारा किया गया, जबकि आभार प्रदर्शन अनामिका पाटिल और श्वेता गेडाम ने किया। अंत में सभी महिलाओं ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम महिलाओं द्वारा महिलाओं के लिए आयोजित करने का संकल्प लिया।


कार्यक्रम की जानकारी सुजाता वाहने द्वारा प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई।

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