Thursday, February 26, 2026
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शिक्षित समाज ही उन्नति की ओर बढ़ता है – राजेश श्यामकर

शिक्षित समाज ही उन्नति की ओर बढ़ता है – राजेश श्यामकर

मूकनायक

कमलेश लवहात्रै छत्तीसगढ़ प्रभारी

राजनांदगांव छत्तीसगढ़

बौद्ध समाज विकास मण्डल के तत्वावधान में स्टेशनपारा, राजनांदगांव में सामाजिक जागरूकता और शिक्षा के संदेश के साथ एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महान शिक्षिका एवं समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले तथा अग्रणी शिक्षाविद् फातिमा शेख की प्रतिमाओं का विधिवत अनावरण किया गया। कार्यक्रम में धम्म देशना, परित्राण पाठ तथा अतिथियों के ओजस्वी उद्बोधन के साथ आयोजन सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेश श्यामकर एवं पूर्व महापौर हेमा देशमुख ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी समाज की उन्नति का वास्तविक पैमाना महिलाओं की शिक्षा से तय होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “शिक्षित समाज ही निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर रहता है। अतः बौद्ध समाज में महिलाओं का शिक्षित और जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है।”
इस अवसर पर अन्य वक्ताओं—आसिफ अली, शाहिद भाई, राजेश हुमने, दीपांकर खोब्रागड़े, रेखा मेश्राम, रूपेश दुबे, यथार्थ सम्राट एवं प्रभा दीदी बाल—ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए शिक्षा, सामाजिक एकता और महिला सशक्तिकरण पर बल दिया।
भारतीय बौद्ध महासभा के जिला अध्यक्ष राजेश हुमने ने जानकारी देते हुए बताया कि राकेश शेंडे, सुनिता शेंडे, अनमोल शेंडे एवं लता शेंडे द्वारा साक्षी शेंडे की स्मृति में सावित्रीबाई फुले जी की प्रतिमा स्थापित की गई, वहीं हाजी अब्दुल लतीफ सायरा बेगम द्वारा मो. शकुर मोहम्मद की स्मृति में फातिमा शेख जी की प्रतिमा स्थापित की गई।
चंद्रपुर के ताडोबा फॉरेस्ट क्षेत्र से पधारे पूज्य भंते अग्गज्योति एवं पूज्य भंते विमल तिस्स संग्रामगिरी ने परित्राण पाठ एवं धम्म देशना के पश्चात प्रतिमाओं का अनावरण किया। कार्यक्रम से पूर्व रेलवे स्टेशन से राकेश एवं सुनिता शेंडे के निवास तक पुष्पवर्षा के साथ भंते संघ का भव्य स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में उपासक-उपासिकाओं ने श्रद्धा एवं उत्साह के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम में हर्ष कुमार शेंडे, राजेश श्यामकर, राजेश हुमने, विशाल गढ़े, संदीप रामटेके, महेश रामटेके, नरेन्द्र हंसा, किशोर देशमुख, सरोज हुमने, सरोज शेंडे, संगीता बोरकर, रजनीश हुमने, अनमोल शेंडे एवं प्रवीण नोन्हारे सहित अनेक समाजसेवियों का विशेष सहयोग रहा।
दोनों प्रतिमाओं का निर्माण मूर्तिकार देवा रंगारी द्वारा किया गया। मंच संचालन संदीप कोल्हाटकर ने किया तथा आभार प्रदर्शन सुनिता शेंडे ने किया।
कार्यक्रम ने शिक्षा, समानता और सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश देते हुए समाज को एक नई प्रेरणा प्रदान की।

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