Thursday, February 26, 2026
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी में 870 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों हेतु संवादात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम

— मूकनायक / गौतम बालबोंदरे
उप संपादक, छत्तीसगढ़

रायपुर। प्रदेश में सुशासन और सुदृढ़ कानून व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी में 870 प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों के लिए संवादात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए पुलिस सेवा में सतत अध्ययन, विधिक जागरूकता, अनुशासन एवं नेतृत्व क्षमता को सफलता की मूल आधारशिला बताया।

ज्ञान, तकनीक और मानवीय दृष्टिकोण का संतुलन आवश्यक-

शिक्षा मंत्री ने कहा कि आधुनिक पुलिस अधिकारी को ज्ञान, तकनीकी दक्षता और मानवीय संवेदनशीलता के संतुलन के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षुओं से आह्वान किया कि वे स्वयं को निरंतर अद्यतन रखें, विधिक प्रावधानों की गहन समझ विकसित करें तथा जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उनके अनुसार, नेतृत्व क्षमता और बौद्धिक परिपक्वता ही प्रभावी एवं विश्वासयुक्त कानून व्यवस्था की आधारशिला है।

स्वास्थ्य मंत्री ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ-

कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा किया गया। उन्होंने भारत में पुलिस व्यवस्था के ऐतिहासिक विकास, वर्तमान चुनौतियों और आधुनिक पुलिसिंग की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए प्रशिक्षुओं को कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता एवं तकनीकी दक्षता के साथ सेवा करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वय को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि आपदा, दुर्घटना, महामारी और आपातकालीन परिस्थितियों में दोनों विभागों का संयुक्त प्रयास नागरिकों के जीवन की रक्षा करता है। कोविड-19 काल का उल्लेख करते हुए उन्होंने पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों की सेवा को राष्ट्रसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया तथा प्रशिक्षुओं को शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।

870 प्रशिक्षु अधिकारी होंगे लाभान्वित-

यह संवादात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस अकादमी चंदखुरी में प्रशिक्षणरत 537 उपनिरीक्षक संवर्ग तथा पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय माना में प्रशिक्षणरत 54 सूबेदार, 211 प्लाटून कमांडर एवं 68 उपनिरीक्षक (एसबी) सहित कुल 870 प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया है।
इनका बुनियादी प्रशिक्षण 03 मार्च 2025 से प्रारंभ हुआ था, जो अब अंतिम चरण में है। वर्तमान में अंतिम परीक्षा संचालित की जा रही है तथा परीक्षा उपरांत इन्हें एक वर्ष के जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण हेतु प्रदेश के विभिन्न जिलों में पदस्थ किया जाएगा।

शासन के मार्गदर्शन में अभिनव पहल-

कार्यक्रम की रूपरेखा उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा तथा पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम के मार्गदर्शन में तैयार की गई है। इस पहल के अंतर्गत प्रदेश के मंत्रीगण प्रशिक्षणरत अधिकारियों से प्रत्यक्ष संवाद कर प्रशासनिक दृष्टिकोण, नीतिगत समझ और जनसेवा के मूल्यों पर मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। यह प्रयास प्रशिक्षण प्रक्रिया को अधिक व्यवहारिक, प्रेरणादायक और जनोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति-

कार्यक्रम में अजय यादव (निदेशक, राज्य पुलिस अकादमी), डॉ. अभिषेक पल्लव (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक), डॉ. पंकज शुक्ला (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक), राजकुमार मिंज (पुलिस अधीक्षक), इरफान काजी (उप पुलिस अधीक्षक) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रशिक्षण संस्थान के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

निदेशक अजय यादव ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि यह संवादात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशिक्षुओं में कर्तव्यनिष्ठा, सेवा-भाव और संवेदनशीलता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

कार्यक्रम का उद्देश्य-

इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों में कर्तव्यनिष्ठा, सेवा-भाव, संवेदनशीलता और सुशासन के मूल्यों को सशक्त बनाना है, ताकि वे भविष्य में प्रदेश की कानून व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनविश्वासयुक्त बना सकें।

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