मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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जीवन की दौड़ में, सफलता पाने के लिए केवल मेहनत ही काफी नहीं है, बल्कि ‘एकाग्रता’ (Focus) वह कुंजी है जो सामान्य इंसान को असाधारण बना देती है। हम अक्सर बाहरी शोर—जैसे लोगों की राय, आलोचना और सामाजिक दबाव के कारण अपने लक्ष्यों से भटक जाते हैं, लेकिन सच यह है कि जब हम अपना पूरा ध्यान, ऊर्जा और समय अपने काम और लक्ष्यों पर केंद्रित करते हैं, तो बाहरी शोर अपने आप बेअसर हो जाता है।
“शोर” कभी खत्म नहीं होगा, लोग हमेशा बोलेंगे, लेकिन आपकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आप उस शोर को कितनी गहराई से सुनते हैं। जिस दिन आप अपने लक्ष्य की ओर इतनी शिद्दत से बढ़ेंगे कि आपको आसपास की आवाज़ें सुनाई देना बंद हो जाएं, उसी दिन से आपकी सफलता का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। अपनी ऊर्जा को ध्यान केंद्रित करने में लगाएं, ना कि शोर को शांत करने में।
बिरदी चंद गोठवाल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

